कोंडागांव में छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र से प्राथमिक शाला में सहज प्रवेश दिलाने के उद्देश्य से “बाल मैत्री कार्यक्रम” चलाया जा रहा है। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को विद्यालयों का भ्रमण कराया गया, ताकि वे स्कूल को देख समझ सकें। आंगनबाड़ी के बच्चों को स्कूल का भ्रमण महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेनू प्रकाश ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी के बच्चों को विद्यालय के वातावरण से परिचित कराना, उनमें सकारात्मकता विकसित करना और समावेशी माहौल में सहज बनाना है। उन्होंने कहा कि अक्सर आंगनबाड़ी के खेल आधारित अनौपचारिक माहौल से सीधे स्कूल के नियमबद्ध वातावरण में आने पर बच्चों को कठिनाई होती है, जिससे उनमें पढ़ाई के प्रति अरुचि उत्पन्न हो सकती है। इस समस्या के समाधान के लिए यह पहल की गई है। हर माह एक मासिक यात्रा इस कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनबाड़ी और कक्षा-1 के बच्चों के बीच समन्वय स्थापित किया जाता है। प्रत्येक माह “एक मासिक यात्रा” के रूप में आंगनबाड़ी के बच्चों को शाला परिसर का भ्रमण कराया जाता है।
इस दौरान बच्चों को विद्यालय परिसर, कक्षाएं, शिक्षक और अन्य विद्यार्थियों से परिचित कराया जाता है। कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियों में परिसर का परिचय, शिक्षकों से भेंट, सामूहिक खेल और सीखने की गतिविधियां शामिल हैं।
आंगनबाड़ी और कक्षा-1 के बच्चों को एक साथ खेलते और सीखते हुए वातावरण से परिचित कराया जाता है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे स्कूल जाने के लिए मानसिक रूप से तैयार होते हैं। इस पहल से बच्चों के स्कूल में नामांकन के बाद उनकी निरंतर उपस्थिति और सीखने की रुचि बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, यह प्रारंभिक शिक्षा को अधिक प्रभावी और आनंददायक बनाने में भी सहायता करेगा।


