इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पूर्व मंत्री अंगद यादव को पैरोल पर रिहा करने से इन्कार कर दिया है। तीन बार विधायक रहे और बसपा सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री रहे यादव हत्या के दो अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है और वह पैरोल पर रिहा किए जाने का कोई महत्वपूर्ण कारण नहीं बता पाए हैं। इन आधारों पर उनकी याचिका खारिज कर दी गई। यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने दिया। बुढ़ापे और बीमारियों का हवाला दिया अंगद यादव की ओर से न्यायालय को बताया गया कि उनकी उम्र लगभग 71 वर्ष है और वह बुढ़ापे से संबंधित बीमारियों से ग्रसित हैं। उन्होंने यह भी दलील दी कि उन्हें अपने बेटों और बेटी के विवाह तय करने हैं, साथ ही कृषि से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य निपटाने हैं। इसलिए उन्हें दो माह के लिए पैरोल पर रिहा किया जाए। राज्य सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए अंगद यादव का आपराधिक इतिहास न्यायालय को बताया। सरकार ने कहा कि वर्ष 1995 में लखनऊ में हुए एक हत्या मामले में सत्र अदालत से दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी अपीलें हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से भी खारिज हो चुकी हैं। इसके अलावा, वर्ष 2015 में आजमगढ़ में एक अधिवक्ता की हत्या के मामले में भी उन्हें दोषी ठहराया गया है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि संबंधित कानून के तहत कृषि कार्य के लिए तभी पैरोल मिल सकती है, जब बंदी के पास कोई और उपाय न हो, जबकि वर्तमान मामले में याचिकाकर्ता के तीन पुत्र हैं। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह तय करने के लिए पैरोल पर रिहा किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। स्वास्थ्य के संबंध में न्यायालय ने पाया कि याचिकाकर्ता का स्वास्थ्य सामान्य है। —————— ये खबर पढ़िए- वकील हत्याकांड में पूर्व मंत्री अंगद समेत 4 को उम्रकैद : 8 साल पहले आजमगढ़ में राज नारायण सिंह को दिन दहाड़े मारी गई थी गोली आजमगढ़ की MP/MLA कोर्ट ने वकील राज नारायण सिंह हत्याकांड में पूर्व मंत्री अंगद यादव समेत 4 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। गैंगस्टर के एक अन्य मामले में चारों को 7-7 साल की सजा और 10-10 हजार का जुर्माना भी लगाया है। अंगद यादव निजामाबाद विधानसभा सीट से कई बार विधायक चुने गए हैं। बसपा सरकार में वह मंत्री भी थे। (पूरी खबर पढ़िए)


