Patrika Bitiya @Work Initiative: जयपुर: पत्रिका की पहल पर बेटियों को शुक्रवार को अपने पेरेंट्स की कर्मभूमि पर जाने का अवसर मिला। जहां उन्होंने न केवल अपने पेरेंट्स के काम और जिम्मेदारियों को समझा, बल्कि उनके साथियों से मुलाकात भी की।
जिन दफ्तरों और कामकाजी माहौल की चर्चा वे केवल घर पर सुनती थीं, उसे बेटियों ने अपनी आंखों से देखा। साथ ही उन्होंने पेरेंट्स के संघर्ष को भी करीब से देखा।
कई महत्वपूर्ण चीजें सीखने का मौका मिला
- ऑफिसः प्रतापनगर सांगानेर
- बिटिया का नामः टियाना शर्मा
- माता का नामः ज्योति शर्मा

पत्रिका की इस पहल के तहत मां के ऑफिस में जाने का अवसर मिला। यहां प्रबंधन, जिम्मेदारी, अनुशासन और सहयोग समेत कई महत्वपूर्ण चीजें सीखने को मिली। -टियाना शर्मा
मेहनत और समय प्रबंधन से मिल सकती है मंजिल
- ऑफिसः राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर
- बिटिया का नाम: आराध्या शर्मा
- पिता का नाम: अभिषेक शर्मा

पापा के ऑफिस में गई तो वहां पर उनके काम के बारे में जानने का अवसर मिला। उनसे सीखा कि जिम्मेदारियों से घबराना नहीं चाहिए। मेहनत व समय प्रबंधन से मंजिल मिल सकती है। -आराध्या
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग करना सीखा
- ऑफिसः शिक्षा संकुल
- बिटिया का नाम: संस्कृति
- पिता का नामः विष्णु कुमार गुप्ता

पापा के ऑफिस जाकर मैंने सीखा कि शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग किस तरह किया जा सकता है। एआई से हर व्यक्ति को बहुत मदद मिल सकती है। साथ ही इससे होमवर्क और मूल्यांकन भी आसान होता है। इससे टीचर्स को भी सहायता मिलती है। पत्रिका की यह पहल बहुत सराहनीय है। इससे पापा के काम को जानने का मौका मिला। -संस्कृति
अच्छा अनुभव रहा
- ऑफिसः ओम आइसक्रीम पार्लर, मालवीय नगर
- बिटिया का नाम: प्राची सैनी
- पिता का नामः ओंकार सैनी

पत्रिका की इस पहल के तहत शुक्रवार को पापा की शॉप पर जाने का अवसर मिला। यहां जाना मेरे लिए बहुत अच्छा अनुभव रहा। यहां न केवल मैंने ये देखा कि पापा किस तरह से काम करते हैं, बल्कि यह भी देखा कि पापा ग्राहकों के साथ किस तरह व्यवहार करते हैं। -प्राची सैनी
जिम्मेदारियों को समझा
- ऑफिस: मोबाइल शॉप शांति नगर सोडाला
- बिटिया का नामः स्नेहा वर्मा
- पिताः संदीप वर्मा

शुक्रवार को पापा की शॉप पर मंदिर में पूजा करने के बाद दुकान की जिम्मेदारियों को समझा और ग्राहकों से बातचीत भी की। -स्नेहा वर्मा
संगठित होकर करते काम
- ऑफिस: बैंक ऑफ बड़ौदा, 22 गोदाम जयपुर
- बिटिया का नामः यजवी वर्मा
- पिता का नामः बृजेश कुमार

पापा की कर्मस्थली पर जाकर बहुत अच्छा लगा। वहां पर मैंने देखा कि बैंक के कर्मचारी किस तरह संगठित होकर काम करते हैं। -यजवी वर्मा
बहुत अच्छा लगा
- ऑफिसः सचिवालय जयपुर
- बिटिया का नाम: यशु शर्मा
- पिता का नामः लोकेश कुमार शर्मा

पापा के ऑफिस जाकर बहुत अच्छा लगा। वहां पर उनके काम को समझने के साथ ही उनके साथियों से भी मुलाकात की। -यशु शर्मा
पापा की मेहनत करीब से देखी
- आफिसः राहुल शर्मा एंड एसोसिएटस
- बिटिया का नामः फाल्गुनी शर्मा और अनुष्का शर्मा
- पिता का नाम: जीएल शर्मा

पापा के ऑफिस में जाकर पता चला कि पापा किस तरह से क्लाइंट को मैनेज करते हैं। पापा उनको कितने कूल तरीके से संभालते हैं। यहां हमने जीएसटी रिटर्न फाइल करना भी सीखा। साथ ही उनकी मेहनत को करीब से देखने का मौका मिला। -फाल्गुनी और अनुष्का


