हिसार में साइबर ठगों ने अब सरकारी अधिकारियों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला हिसार का है, जहां कैथल में तैनात कृषि विभाग के एक निरीक्षक से ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 40 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। ठगों ने फेसबुक पर महिला के नाम से दोस्ती कर पहले विश्वास जीता और फिर मोटी कमाई का लालच देकर निवेश करवाया। शिकायतकर्ता घनश्याम (40), जो फिलहाल सेक्टर 16-17 में रहते हैं, ने बताया कि 20 फरवरी को उनकी फेसबुक आईडी पर रेखा यादव नाम की प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। दोस्ती होने के बाद बातचीत व्हाट्सएप पर होने लगी। आरोपी महिला ने उन्हें ग्लोबल प्राइम नामक प्लेटफॉर्म पर निवेश करने का झांसा दिया। भरोसे के लिए पहले मुनाफे का छोटा लालच दिया
पीड़ित के मुताबिक, शुरू में उन्होंने निवेश से मना किया, लेकिन आरोपी के बार-बार कहने पर उन्होंने 50 हजार रुपए लगाए। भरोसे में लेने के लिए ठगों ने उनके खाते में 53,890 रुपए मुनाफे के साथ वापस भेज दिए । इस छोटे से रिटर्न ने घनश्याम का विश्वास जीत लिया, जो उनके लिए बड़ी भूल साबित हुई । मां के खाते से ट्रांसफर किए लाखों रुपए
विश्वास जमने के बाद ठगों ने बड़ा दांव खेला। रेखा यादव नाम की आईडी से उन्हें 20 लाख रुपए निवेश करने को कहा गया। घनश्याम ने अपनी माता कृष्णा देवी के पीएनबी खाते से पैसे ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद फिर से 20 लाख की मांग की गई, जिसे पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में आरटीजीएस के जरिए भेज दिया। जब पैसे निकालने चाहे, तो खुला राज
जब पीड़ित के ट्रेडिंग अकाउंट में भारी मुनाफा दिखने लगा, तो उन्होंने 5 हजार डॉलर निकालने की कोशिश की। इस पर ठगों ने तकनीकी बहाने बनाकर और ट्रेड करने का दबाव बनाया। शक होने पर घनश्याम ने अपने दोस्त से बात की, जिसने बताया कि यह पूरा अकाउंट फर्जी है और वे साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं। साइबर थाना पुलिस हिसार ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (जालसाजी) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन बैंक खातों और आईपी एड्रेस की जांच कर रही है, जिनके जरिए यह ट्रांजैक्शन हुई है।


