एमपी के इस रूट पर वाहन चालकों से अवैध वसूली कर रहा आरटीओ और पुलिस का गठजोड़

एमपी के इस रूट पर वाहन चालकों से अवैध वसूली कर रहा आरटीओ और पुलिस का गठजोड़

RTO- मध्यप्रदेश में वाहन चालकों से अवैध वसूली का सिलसिला लगातार जारी है। सरकारी और परिवहन विभाग के दावों के उलट कुछ रूट इस अवैध कारोबार का गढ़ बने हुए हैं। वाहनों की जांच के नाम पर यह खेल चल रहा है। परिवहन विभाग आरटीओ और पुलिस के गठजोड़ से ट्रक ड्राइवरों को लूटा जा रहा है। जिम्मेदारों की शह पर रीवा में आपराधिक तत्व सरेआम यह काम कर रहे हैं।

परिवहन विभाग (आरटीओ) RTO के चेकपोस्ट पर जांच के नाम पर अवैध वसूली से परेशान सरकार ने चेकपोस्ट बैरियर को कागजी तौर पर बंद कर दिया लेकिन यूपी की सीमा से लगे रीवा के सोहागी, मऊगंज हनुमना में दो चेकपोस्ट खुलेतौर पर चल रहे हैं। आरटीओ अफसरों के बुलाने पर गुंडे वसूली कर रहे हैं। विरोध करने पर ट्रक ड्राइवरों से मारपीट की जा रही है।

हाल ही में सोहागी में प्रयागराज के अरविंद यादव ने नियमों का हवाला दिया तो गुंडों ने सिर फोड़ दिया। इससे खफा अन्य ट्रक ड्राइवरों ने जाम लगादिया। इसी माह ट्रक चालकों ने अब तक 6 बार हंगामा किया।

मऊगंज जिले के हनुमना बॉर्डर पर अवैध वसूली से पिछले दिनों ट्रक ड्राइवर नाराज हो गए। उन्होंने झोपड़ी फूंक दी। जांच में वसूलीबाज दलाल निकला था।

गाइडलाइन- यूनिट में ड्राइवर के अलावा अन्य कोई नहीं होगा

गाइडलाइन के अनुसार, अफसर- कर्मचारी वर्दी में रहेंगे। नेम प्लेट के साथ बॉडी वार्न कैमरे होंगे। यूनिट के साथ ड्राइवर के अलावा कोई साथ नहीं रहेगा। किसी गाड़ी को 15 मिनट तक ही रोका जा सकता है।

वसूलीबाजों को पकड़ा, पर पुलिस ने छोड़ा

आरटीओ कर्मियों के साथ ड्राइवरों से वसूली करने वाले कई निजी लोगों को पकड़ा तो गया, लेकिन जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब ट्रक ड्राइवरों के साथ त्योंथर के रिटायर्ड कमांडो अरुण गौतम ने अभियान छेड़ रखा है। कई बार उन्होंने अवैध वसूली करने वालों को पुलिस के हवाले किया, लेकिन बिना कार्रवाई छोड़ दिया गया।

आरटीओ अफसरों का कहना है, कई बार कोई परिचित रुक जाता है या फिर स्थानीय लोग आ जाते हैं तो उन्हें भी वसूलीकर्ता बताया जा रहा है। अरुण का कहना है, वीडियो बनाकर दिए। पुलिस ने उल्टा केस दर्ज कर लिया।

ट्रक चालक जांच से बचने के लिए ये आरोप लगाते हैं

इधर हनुमना के चेकपोस्ट प्रभारी प्रवीण नाहर बताते हैं कि गाडिय़ों की जांच प्राइवेट व्यक्ति कभी नहीं करते। विभाग के
कर्मियों के साथ होमगार्ड के जवान रहते हैं। कई बार ट्रक चालक जांच से बचने के लिए ये आरोप लगाते हैं।

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