पंजाब में मानसून जैसा मार्च

पंजाब में मानसून जैसा मार्च

दिनेश वर्मा | लुधियाना पंजाब में पिछले पांच दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। मार्च में जहां सूरज की तपिश बढ़ने लगती थी, इस बार राजस्थान की तरफ से आ रहीं ठंडी हवाओं ने उलटा ठंड बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार इस असामान्य बदलाव के पीछे वेस्टर्न डिस्टरबेंस का रास्ता बदलना और नमी भरी हवाओं का मेल मुख्य कारण है। शुक्रवार को हल्की बूंदाबांदी के बाद अबोहर, संगरूर, कपूरथला समेत कई जगह पूरा क्षेत्र धुंध की सफेद चादर में लिपट गया। कई जगह दिनभर बारिश होती रही। सूबे में अब तक औसत 12 एमएम बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है और 10 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में गिरावट हुई है। शुक्रवार को फिरोजपुर 24.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि सबसे ठंडा गुरदासपुर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा। हिमाचल में पांच दिनों से ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी है, जबकि मैदानी इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण कुल्लू-मनाली में जगह-जगह लैंडस्लाइड हो रही है। अटल टनल रोहतांग में नॉर्थ और साउथ पोर्टल पर 4 फीट से ज्यादा ताजा बर्फ गिर चुकी है, रोहतांग दर्रा व शिंकुला दर्रा में 3 फीट तक हिमपात हुआ है। पहाड़ों में बर्फ… मैदानों में बारिश… डीडी दूबे, मौसम विशेषज्ञ बर्फबारी से लाहौल कटा, 6 राज्यों में 420 तक चढ़ा तापमान अब 200 से नीचे आया अधिकतम 11.4 14.7 14.8 15.0 14.8 19.0 18.8 20.3 23.7 भास्कर एक्सपर्ट मौसम के लिए मार्च का महीना अभी तक भारी उलटफेर वाला रहा है। पहला पखवाड़ा जहां बिल्कुल सूखा रहा। तापमान के तेवर मई जैसे हो गए थे। पांच राज्यों में लू चली, छह राज्यों के दो दर्जन से ज्यादा शहरों में तापमान 42 डिग्री तक दर्ज हुआ। वहीं, दूसरा पखवाड़े में पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक से मौसम ने पलटी मारी है। इसके साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में 4-5 ऐसे मौसमी सिस्टम बने कि पहाड़ों पर अच्छी बर्फबारी से लेकर मैदानों में बारिश व ओलावृष्टि से तापमान घटकर 20 डिग्री तक आ गिरा। हिमाचल में भारी बारिश के कारण कुल्लू-मनाली में जगह-जगह लैंडस्लाइड हो रही है। भारी बर्फबारी से लाहुल-स्पीति का संपर्क कट गया है। मौसम विज्ञानी महेश पालावत ने कहा, दो दिनों में बिल्कुल मानसून जैसी व्यापक बारिश देखी गई है। ऐसा सिर्फ पश्चिमी विक्षोभ के कारण नहीं, बल्कि उसके साथ कई मौसमी सिस्टम के बनने से संभव हुआ। अगला पश्चिमी विक्षोभ मार्च के आखिरी दिनों में आएगा। वहीं, बद्रीनाथ में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हो रही है। कंचन गंगा के पास ग्लेशियर तेजी से खिसक रहे हैं। यहां बर्फ की तेज धारा से नदी भर गई है। धाम में अब तक तीन फीट बर्फ जम चुकी है। इस बार हवाओं का समीकरण बदला आमतौर पर इन दिनों राजस्थान की हवाएं पंजाब में गर्मी बढ़ाती हैं, लेकिन इस बार समीकरण बदल गए। वेस्टर्न डिस्टरबेंस इस बार नॉर्थ अफगानिस्तान और जम्मू-कश्मीर की जगह राजस्थान की तरफ से पंजाब में दाखिल हुआ। साथ में अरब सागर और प.बंगाल की तरफ से आ रही नमी भरी हवाएं जब राजस्थान की हवाओं से मिलीं तो गर्म हवाएं ठंडी हो गईं। कहां कितना रहा तापमान 21.6 आगे ऐसा रहेगा मौसम…पंजाब में 26 मार्च तक बादलों की आवाजाही रहेगी, 21 व 22 मार्च तक बादल छाए रहेंगे। 23 और 26 मार्च को कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। 23 मार्च को फिर से हिमाचल के अधिक ऊंचे पहाड़ों पर हल्की बारिश व बर्फबारी के आसार हैं। तस्वीर मनाली के सोलंग नाला की है। पिछले 5 वर्षों में कैसा रहा मार्च { 2022 : यह 122 ‍‍वर्षों में सबसे गर्म मार्च था। भीषण लू चली थी। { 2023 : इस साल भी 2026 की तरह बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने तापमान को कम रखा था। { 2024-25: इन वर्षों में मौसम शुष्क रहा और मार्च के अंत तक गर्मी काफी बढ़ गई थी। { 2026 : राजस्थान की ठंडी हवाओं ने मार्च के तीसरे हफ्ते को पिछले कई वर्षों के मुकाबले ठंडा बना दिया है। तस्वीर लुधियाना की है। राजस्थान से गर्म नहीं ठंडी हवाएं पंजाब में दाखिल हुईं, इसलिए 5 दिन से बारिश, 100 तक गिरा पारा

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