BDA : भरतपुर विकास प्राधिकरण की नई योजना, 2 नई लैंड पूलिंग का प्रस्ताव तैयार

BDA : भरतपुर विकास प्राधिकरण की नई योजना, 2 नई लैंड पूलिंग का प्रस्ताव तैयार

BDA : भरतपुर शहर के सुनियोजित और इन लैंड पूलिंग योजनाओं के माध्यम संतुलित विकास के लिए भरतपुर विकास प्राधिकरण ने दो नई लैंड पूलिंग योजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया है। आयुक्त कनिष्क कटारिया ने बताया कि मलाह, नगला सह, मडोली, एसपी जेड, अजान बांध और पूंछरी का लौठा क्षेत्र में दो लैंड पूलिंग योजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया है। इन योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में नियोजित आवासीय और सार्वजनिक ढांचे का विकास होगा।

कटारिया ने बताया कि शहर में लोग भूखंड तो लेना चाहते हैं, लेकिन वह अवैध कॉलोनी में अपना भूखंड खरीद रहे हैं। इसके चलते उन्हें काफी नुकसान होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार की ओर से घोषित नीतियों के अनुरूप से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक नगरीय सुविधाओं का विकास होगा।

इसके तहत पार्क, सीवरेज लाइन, ड्रेनेज व्यवस्था, जलापूर्ति, विद्युत व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, स्कूल और शैक्षणिक संस्थानों के लिए भूमि, कम्युनिटी सेंटर, हेल्थ सेंटर या डिस्पेंसरी व धार्मिक स्थलों के लिए स्थान विकसित किया जाएगा।

बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी मिलेगी मदद

आयुक्त कनिष्क कटारिया ने बताया कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से शहरी विकास को नई दिशा मिलने की संभावना है। साथ ही नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।

लैंड पूलिंग योजना : अपनी जमीन को योजना में शामिल करते हैं भूमि मालिक

आयुक्त कनिष्क कटारिया ने बताया कि लैंड पूलिंग योजना के तहत भूमि मालिक अपनी जमीन को योजना में शामिल करते हैं। विकसित होने के बाद उन्हें सुविधाओं से युक्त भूखंड वापस दिए जाते है। इससे क्षेत्र में सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, पार्क और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का नियोजित विकास संभव हो पाता है।

भरतपुर विकास प्राधिकरण की परियोजनाएं

शहरी बुनियादी ढांचा विकास : आरबीएम चिकित्सालय से चांदपोल गेट (सर्कुलर रोड) तक 6-लेन सड़क का निर्माण।
लैंड पूलिंग योजनाएं : मढ़ौली और मलाह जैसे क्षेत्रों में नई लैंड पूलिंग योजनाओं का प्रस्ताव, जिससे सुनियोजित विकास और अवैध कॉलोनियों पर रोक लग सकेगी।

हेरिटेज और पर्यटन विकास :

किशोरी महल प्लाज़ा : लोहागढ़ किले में 4500 वर्गमीटर में आधुनिक सुविधाओं और 500 क्षमता वाले स्टेज के साथ सांस्कृतिक केंद्र का विकास।
गंगा मंदिर पुनरुद्धार : ऐतिहासिक गंगा मंदिर के आसपास की दुकानों और फसाड़ का पुनरुद्धार।
पार्क विकास : बांके बिहारी जी मंदिर के समीप 6700 वर्गमीटर में ‘मात्र वन पार्क’ का विकास।
पर्यावरण और स्वच्छता : 11,000 अमृत पोषण वाटिकाओं का निर्माण और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का संचालन।
ई-नीलामी : SSO ID के माध्यम से आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों की पारदर्शी ई-नीलामी।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *