सहरसा के सरकारी बस स्टैंड परिसर में अतिक्रमण को लेकर विवाद गहरा गया है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) के सहरसा कंट्रोलर आनंद मिश्रा ने एक निजी प्रतिष्ठान जबरन कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू करने के प्रयास पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। कंट्रोलर आनंद मिश्रा ने आरोप लगाया है कि बस स्टैंड की सरकारी जमीन पर ‘राजू होटल’ द्वारा अवैध तरीके से निर्माण कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह भूमि पूरी तरह से परिवहन निगम की है। मिश्रा के अनुसार, बिना किसी लिखित अनुमति के किसी भी तरह का निर्माण गैरकानूनी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि होटल संचालक नगर निगम के नगर अध्यक्ष के मौखिक आदेश का हवाला देकर निर्माण कार्य करना चाह रहे थे। मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यदि कोई वैध आदेश है, तो उसे लिखित रूप में प्रस्तुत किया जाए, अन्यथा निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्णिया प्रमंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रतीक झा ने भी जिलाधिकारी को स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने सख्त निर्देश जारी करते हुए बस स्टैंड परिसर में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश दिया। दूसरी ओर, ‘राजू होटल’ के संचालक राजू का कहना है कि उन्हें पूर्व में विभाग द्वारा बस स्टैंड परिसर में जगह आवंटित की गई थी। उन्होंने बताया कि वे वर्षों से वहां व्यवसाय कर रहे थे। राजू का आरोप है कि हाल ही में अतिक्रमण के नाम पर उन्हें वहां से हटा दिया गया, जो गलत है। इस संबंध में, सहरसा नगर निगम के नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने स्पष्ट किया कि होटल बस स्टैंड के एग्जिट प्वाइंट पर अवैध रूप से स्थापित था। उन्होंने बताया कि इसे जिला प्रशासन के आदेश पर हटाया गया है। नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि नगर निगम द्वारा किसी को भी वहां बसने या निर्माण की कोई लिखित या मौखिक अनुमति नहीं दी गई है। फिलहाल, प्रशासन ने अवैध निर्माण पर रोक लगा दी है और मामले की जांच जारी है। सहरसा के सरकारी बस स्टैंड परिसर में अतिक्रमण को लेकर विवाद गहरा गया है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) के सहरसा कंट्रोलर आनंद मिश्रा ने एक निजी प्रतिष्ठान जबरन कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू करने के प्रयास पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। कंट्रोलर आनंद मिश्रा ने आरोप लगाया है कि बस स्टैंड की सरकारी जमीन पर ‘राजू होटल’ द्वारा अवैध तरीके से निर्माण कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह भूमि पूरी तरह से परिवहन निगम की है। मिश्रा के अनुसार, बिना किसी लिखित अनुमति के किसी भी तरह का निर्माण गैरकानूनी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि होटल संचालक नगर निगम के नगर अध्यक्ष के मौखिक आदेश का हवाला देकर निर्माण कार्य करना चाह रहे थे। मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यदि कोई वैध आदेश है, तो उसे लिखित रूप में प्रस्तुत किया जाए, अन्यथा निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्णिया प्रमंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रतीक झा ने भी जिलाधिकारी को स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने सख्त निर्देश जारी करते हुए बस स्टैंड परिसर में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश दिया। दूसरी ओर, ‘राजू होटल’ के संचालक राजू का कहना है कि उन्हें पूर्व में विभाग द्वारा बस स्टैंड परिसर में जगह आवंटित की गई थी। उन्होंने बताया कि वे वर्षों से वहां व्यवसाय कर रहे थे। राजू का आरोप है कि हाल ही में अतिक्रमण के नाम पर उन्हें वहां से हटा दिया गया, जो गलत है। इस संबंध में, सहरसा नगर निगम के नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने स्पष्ट किया कि होटल बस स्टैंड के एग्जिट प्वाइंट पर अवैध रूप से स्थापित था। उन्होंने बताया कि इसे जिला प्रशासन के आदेश पर हटाया गया है। नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि नगर निगम द्वारा किसी को भी वहां बसने या निर्माण की कोई लिखित या मौखिक अनुमति नहीं दी गई है। फिलहाल, प्रशासन ने अवैध निर्माण पर रोक लगा दी है और मामले की जांच जारी है।


