एक स्क्रीन, 143 चेहरे और सिर्फ 19 नाम, कलेक्ट्रेट में शराब की दुकानों के लिए लगी भीड़

एक स्क्रीन, 143 चेहरे और सिर्फ 19 नाम, कलेक्ट्रेट में शराब की दुकानों के लिए लगी भीड़

बरेली। शराब की दुकानों के आवंटन को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में जबरदस्त हलचल देखने को मिली। ई-लॉटरी प्रक्रिया के दौरान 143 आवेदकों की नजरें स्क्रीन पर टिकी रहीं, जहां महज 19 दुकानों के लिए किस्मत का फैसला हुआ। कुछ चेहरों पर खुशी दिखी तो कई दावेदार मायूस होकर लौटे।

जिलाधिकारी अविनाश सिंह की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट सभागार में दोपहर करीब एक बजे ई-लॉटरी प्रक्रिया शुरू हुई। जैसे-जैसे नाम निकलते गए, सभागार में हलचल और उत्सुकता बढ़ती गई। हर आवेदक की निगाह स्क्रीन पर जमी रही और माहौल पूरी तरह तनाव से भरा नजर आया।

19 दुकानों पर लगी मुहर, बाकी रह गए खाली हाथ

नवीनीकरण के बाद बची 19 दुकानों के लिए कुल 143 आवेदन आए थे। लॉटरी के जरिए 12 देशी शराब, 6 कम्पोजिट और 1 मॉडल शॉप का आवंटन किया गया। किस्मत ने कुछ का साथ दिया, जबकि बड़ी संख्या में आवेदकों को निराशा हाथ लगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन आवेदकों का चयन हुआ है, उन्हें तय समय सीमा के भीतर लाइसेंस फीस और अन्य आवश्यक रकम जमा करनी होगी। समय पर भुगतान न करने की स्थिति में आवंटन रद्द कर दिया जाएगा।

अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी हुई प्रक्रिया

पूरी ई-लॉटरी प्रक्रिया प्रशासनिक निगरानी में संपन्न हुई। इस दौरान एडीएम सिटी सौरभ दुबे, एसपी सिटी मानुष पारिख, उप आबकारी आयुक्त एसपी सिंह और जिला आबकारी अधिकारी हुकुम सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने प्रक्रिया को पारदर्शी बताया, हालांकि हारने वालों के बीच निराशा साफ दिखाई दी।

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