कटिहार के चांद बाजार में शुक्रवार शाम अचानक मौसम बदलने से अफरा-तफरी मच गई। आंधी, बादल गर्जन और बारिश के कारण ईद की खरीदारी करने आए रोजेदारों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम करीब 7:30 बजे मौसम का मिजाज बदला। तेज हवाओं और बारिश के चलते दुकानदारों ने आनन-फानन में अपनी दुकानें समेटनी शुरू कर दीं। खरीदारी के लिए आए लोग बारिश से बचने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए और दुकानों व शॉपिंग मॉल में शरण ली। आंधी-बारिश से मार्केट में भीड़ कम, देखिए तस्वीरें…. ईद की खरीदारी के मंसूबों पर पानी ईद से पहले लगने वाला यह चांद बाजार कटिहार के शहीद चौक, मंगल बाजार और बाटा चौक सहित कई स्थानों पर लगता है। यहां जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए रोजेदार ईद के लिए कपड़े, सेवई, इत्र और अन्य आवश्यक सामान खरीदने आते हैं। अचानक हुई बारिश से लोगों के ईद की खरीदारी के मंसूबों पर पानी फिर गया। एक अनुमान के मुताबिक, एक ही रात में चांद बाजार में होने वाला लगभग 20 से 25 लाख रुपये का कारोबार ठप हो गया। सामाजिक और सांस्कृतिक मिलन स्थल यह बाजार केवल खरीदारी का केंद्र नहीं, बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक मिलन स्थल भी है, जहां लोग एक-दूसरे से मिलते हैं और ईद की तैयारियों पर चर्चा करते हैं। मौसम की मार से इस रौनक पर भी असर पड़ा। कटिहार के चांद बाजार में शुक्रवार शाम अचानक मौसम बदलने से अफरा-तफरी मच गई। आंधी, बादल गर्जन और बारिश के कारण ईद की खरीदारी करने आए रोजेदारों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम करीब 7:30 बजे मौसम का मिजाज बदला। तेज हवाओं और बारिश के चलते दुकानदारों ने आनन-फानन में अपनी दुकानें समेटनी शुरू कर दीं। खरीदारी के लिए आए लोग बारिश से बचने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए और दुकानों व शॉपिंग मॉल में शरण ली। आंधी-बारिश से मार्केट में भीड़ कम, देखिए तस्वीरें…. ईद की खरीदारी के मंसूबों पर पानी ईद से पहले लगने वाला यह चांद बाजार कटिहार के शहीद चौक, मंगल बाजार और बाटा चौक सहित कई स्थानों पर लगता है। यहां जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए रोजेदार ईद के लिए कपड़े, सेवई, इत्र और अन्य आवश्यक सामान खरीदने आते हैं। अचानक हुई बारिश से लोगों के ईद की खरीदारी के मंसूबों पर पानी फिर गया। एक अनुमान के मुताबिक, एक ही रात में चांद बाजार में होने वाला लगभग 20 से 25 लाख रुपये का कारोबार ठप हो गया। सामाजिक और सांस्कृतिक मिलन स्थल यह बाजार केवल खरीदारी का केंद्र नहीं, बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक मिलन स्थल भी है, जहां लोग एक-दूसरे से मिलते हैं और ईद की तैयारियों पर चर्चा करते हैं। मौसम की मार से इस रौनक पर भी असर पड़ा।


