सीकर में सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव ‘चेटीचंड’ के अवसर पर शोभायात्रा निकली। सिंधी नव संवत्सर के उपलक्ष्य में निकली शोभायात्रा में सिंधी समाज के लोग भक्ति के साथ पारंपरिक परिधान पहनकर शामिल हुए। शोभायात्रा की शुरुआत सीकर शहर के शेखपुरा मोहल्ले से हुई। कार्यक्रम के प्रारंभ में भगवान झूलेलाल की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर आरती की गई। इसके बाद ‘आयो लाल, झूलेलाल’ और ‘जय झूलेलाल’ के जयकारों के साथ यात्रा रवाना हुई। शोभायात्रा के दौरान सिंधी समाज के युवक-युवतियों ने सड़क पर ही पारंपरिक ‘छेज’ नृत्य शुरू किया। हाथों में डंडे लेकर युवाओं की टोली ने लय और ताल के साथ छेज नृत्य किया। सिंधी समाज के युवक-युवतियां, महिला और पुरुष भी अपनी पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे नजर आए। महिलाओं ने मंगल गीत गाए। शेखपुरा मोहल्ले से शुरु होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए यह शोभायात्रा पोलो ग्राउंड स्थित गुरुद्वारे पहुंची। रास्ते में जगह-जगह विभिन्न संगठनों और स्थानीय निवासियों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। सिंधी समाज के लोगों ने बताया कि यह पर्व आपसी भाईचारे और खुशहाली का संदेश देता है। चेटीचंड के मौके पर सुबह से ही सिंधी मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना का दौर जारी रहा। समाज के लोगों ने एक-दूसरे को ‘पल्लव’ (विशेष प्रार्थना) कर नए साल की बधाई दी। शाम को शोभायात्रा के समापन के बाद विशेष प्रसाद और भंडारे का आयोजन भी किया गया।


