मधुबनी के घोघरडीहा प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय नौआबाखर (हटनी) में जिला गंगा समिति (नमामि गंगे) के तत्वावधान में जल महोत्सव सह स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेश कुमार ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में छात्रों को जल संरक्षण का महत्व समझाते हुए कहा कि जल के बिना जीवन संभव नहीं है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए सजग रहना होगा। कार्यक्रम के संयोजक सुभाष कुमार कामत और पिंकी कुमारी ने भी बच्चों को जल संकट की गंभीरता से अवगत कराया। वर्षा का पानी जमीन तक नहीं पहुंच पा रहा सुभाष कुमार कामत ने जोर देकर कहा, “जल है तो कल है।” उन्होंने बताया कि नदियां सूख रही हैं और सड़कों के सिमेंटेड होने से वर्षा का पानी जमीन तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे गर्मियों में चापाकलों में पानी की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इस अवसर पर घटते जलस्तर और जल संरक्षण विषय पर बच्चों के बीच एक पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिन्होंने दो-दो के समूह में जल संरक्षण पर आधारित चित्र बनाए। जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने हेतु शपथ दिलाई गई प्रतियोगिता के परिणामों में बालक वर्ग में कृष्ण कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बालिका वर्ग में अंशु कुमारी और अनुपम कुमारी प्रथम रहीं, जबकि सोनम झा और गुंजा कुमारी को द्वितीय स्थान मिला। तृतीय स्थान पर स्वाती कुमारी, काजल कुमारी, खुशी कुमारी और जूही कुमारी का समूह रहा। निर्णायक मंडल में कंप्यूटर शिक्षिका सारिका शुभम, अमित कुमार और छवि कुमार मंडल शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित छात्र-छात्राओं को नदी, तालाब और अन्य जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने हेतु शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर जल संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता के प्रति भी जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया। पिंटू कुमार, कार्तिक कुमार, संध्या कुमारी, संजना कुमारी, शिवम कुमार, शांभवी कुमारी, पूजा कुमारी, रितेश, रवि, जयंत सहित कई छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई। मधुबनी के घोघरडीहा प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय नौआबाखर (हटनी) में जिला गंगा समिति (नमामि गंगे) के तत्वावधान में जल महोत्सव सह स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेश कुमार ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में छात्रों को जल संरक्षण का महत्व समझाते हुए कहा कि जल के बिना जीवन संभव नहीं है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए सजग रहना होगा। कार्यक्रम के संयोजक सुभाष कुमार कामत और पिंकी कुमारी ने भी बच्चों को जल संकट की गंभीरता से अवगत कराया। वर्षा का पानी जमीन तक नहीं पहुंच पा रहा सुभाष कुमार कामत ने जोर देकर कहा, “जल है तो कल है।” उन्होंने बताया कि नदियां सूख रही हैं और सड़कों के सिमेंटेड होने से वर्षा का पानी जमीन तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे गर्मियों में चापाकलों में पानी की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इस अवसर पर घटते जलस्तर और जल संरक्षण विषय पर बच्चों के बीच एक पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिन्होंने दो-दो के समूह में जल संरक्षण पर आधारित चित्र बनाए। जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने हेतु शपथ दिलाई गई प्रतियोगिता के परिणामों में बालक वर्ग में कृष्ण कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बालिका वर्ग में अंशु कुमारी और अनुपम कुमारी प्रथम रहीं, जबकि सोनम झा और गुंजा कुमारी को द्वितीय स्थान मिला। तृतीय स्थान पर स्वाती कुमारी, काजल कुमारी, खुशी कुमारी और जूही कुमारी का समूह रहा। निर्णायक मंडल में कंप्यूटर शिक्षिका सारिका शुभम, अमित कुमार और छवि कुमार मंडल शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित छात्र-छात्राओं को नदी, तालाब और अन्य जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने हेतु शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर जल संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता के प्रति भी जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया। पिंटू कुमार, कार्तिक कुमार, संध्या कुमारी, संजना कुमारी, शिवम कुमार, शांभवी कुमारी, पूजा कुमारी, रितेश, रवि, जयंत सहित कई छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।


