बरेली में सीएम ग्रिड योजना के तहत बनाई जा रही रोड के चौड़ीकरण में बाधा उत्पन्न कर रहे अतिक्रमण पर अब जल्द ही बुलडोजर चलेगा। बरेली के महापौर डॉक्टर उमेश गौतम की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण मीटिंग में यह फैसला लिया गया है। कोहाड़ापीर से लेकर धर्म कांटे तक 60 दुकानें पहले ही चिन्हित की जा चुकी हैं, जिनको नोटिस भी दिया जा चुका है और अब वहां पर जल्दी बुलडोजर चलने वाला है। मेयर डॉक्टर उमेश गौतम ने बताया कि सीएम ग्रिड योजना के तहत रोड का काम किया जा रहा है। यह योजना बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना है जिससे रोड चौड़ा होगा और शहर के विकास में चार चांद लगेंगे। धर्म कांटे से कोहाड़ापीर तक 60 दुकानें हैं जिसमें एक इंटर कॉलेज की जमीन भी सड़क के चौड़ीकरण में ली जाएगी। इसके अलावा एक मस्जिद के आगे का हिस्सा भी तोड़ा जाएगा। 196 करोड़ की परियोजनाओं पर 4 महीने की डेडलाइन शहर के विकास कार्यों को गति देने के लिए शुक्रवार को महापौर कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महापौर डॉ. उमेश गौतम ने की, जिसमें 15वें वित्त आयोग के तहत टाइड और अनटाइड मद से प्राप्त धनराशि से चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में टाइड मद के 86 करोड़ रुपये और अनटाइड मद के 60 करोड़ रुपये से किए जा रहे विकास कार्यों पर चर्चा हुई। इसके तहत सात वार्डों में स्वीकृत 11 कार्यों और 33 वार्डों में संचालित 34 कार्यों की प्रगति और वर्तमान स्थिति का आकलन किया गया। इसके अलावा 30 दिसंबर 2025 को स्वीकृत लगभग 79 परियोजनाओं पर भी निर्माण, जलकल, स्वास्थ्य और लेखा विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तार से मंथन किया गया। महापौर डॉ. उमेश गौतम ने कहा कि शासन से 15वें वित्त आयोग के तहत 50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि भी जल्द प्राप्त होगी। इसको ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी चार महीनों में सभी कार्य हर हाल में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय, मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी, जलकल महाप्रबंधक मनोज आर्य, नगर स्वास्थ्य अधिकारी भानु प्रकाश, एक्सईएन राजीव कुमार राठी और लेखा अधिकारी हृदय नारायण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बदायूं रोड पर 4 करोड़ से बनेगा बड़ा नाला, जलभराव से मिलेगी मुक्ति शहर में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए बदायूं रोड पर सवा किलोमीटर लंबा नाला बनाया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 4 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। नगर निगम बरेली की ओर से प्रस्तावित नाले का एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। इस नाले के निर्माण से बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से जूझ रही करीब डेढ़ लाख आबादी को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। महापौर डॉ. उमेश गौतम ने इसे शहर के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए निर्माण विभाग को जल्द से जल्द कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ड्रेनेज सिस्टम मजबूत होने से क्षेत्र में जल निकासी की व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को राहत मिलेगी। विजन 2026: हाइटेक सिटी की तर्ज पर बदलेगी बरेली की सूरत शहर के समग्र विकास को गति देने के लिए नगर निगम बरेली ने इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया है। यह योजना 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि के आधार पर बनाई गई है, जिसमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस ब्लूप्रिंट के तहत नई सड़कों का निर्माण, पेयजल आपूर्ति में सुधार, सीवर लाइन विस्तार, ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करना और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने जैसे कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही शहर में नए पार्क विकसित करने और सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने की भी योजना है। महापौर डॉ. उमेश गौतम ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य शहर को व्यवस्थित, स्वच्छ और आधुनिक बनाना है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्य पूरे कर वर्ष 2026 तक शहर को हाइटेक सिटी जैसा विकसित किया जाएगा।


