इंटरनेट के दौर में बढ़ते साइबर खतरों से निपटने के लिए अब जमीनी स्तर पर तैयारी तेज हो गई है। शुक्रवार को आईआईटी कानपुर के C3iHub में साइबर सुरक्षा पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तरीय सम्मान समारोह और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में 8 जिलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में शानदार काम करने वाले जिला समन्वयकों और प्राचार्यों को सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में कोर्सेस के सफल संचालन और जागरूकता फैलाने वाले समन्वयकों को 20 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा भी की गई। 8 जिलों के समन्वयकों ने साझा किए अनुभव कार्यक्रम में कानपुर सहित आसपास के 8 जिलों से आए समन्वयकों, प्राचार्यों और नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को मजबूत करने के लिए सभी ने अपनी प्रतिबद्धता जताई। कुलपति ने जोर देकर कहा कि जिला स्तर पर अधिक से अधिक जागरूकता अभियान और कार्यशालाएं आयोजित की जानी चाहिए, ताकि साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय की पहुंच हर छात्र तक सुनिश्चित हो सके। इन दिग्गजों को मिला सम्मान अपने-अपने जिलों में साइबर सुरक्षा को लेकर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए डॉ. अमित प्रकाश रघुवंशी, डॉ. अनुपम दुबे, डॉ. गोपी नाथ मौर्य, डॉ. मीता अरोड़ा, डॉ. प्रियदर्शन पांडेय और डॉ. अंसुमान उपाध्याय को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इन अधिकारियों ने अपने कॉलेजों और जिलों में छात्रों को साइबर अपराधों से बचने और इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया है। आईआईटी और यूनिवर्सिटी की साझा पहल इस खास मौके पर आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनीन्द्र अग्रवाल और C3iHub की सीईओ डॉ. तनिमा हजरा भी मौजूद रहीं। विशेषज्ञों ने बताया कि आने वाले समय में साइबर सुरक्षा केवल एक विषय नहीं बल्कि एक अनिवार्य कौशल होगा। प्रोग्राम डायरेक्टर प्रो. समित्र सनाध्या और अन्य अधिकारियों ने भी छात्रों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की योजनाओं पर चर्चा की। समारोह में डॉ. बृष्टि मित्रा, डॉ. शिल्पा देशपांडे, डॉ. दिव्यांश शुक्ला सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में यह संकल्प लिया गया कि साइबर सुरक्षा शिक्षा को और व्यापक बनाया जाएगा ताकि डिजिटल इंडिया के सपने को सुरक्षित तरीके से साकार किया जा सके।


