बिलासपुर में आबकारी विभाग के अफसरों ने टेस्ट पर्चेस में मगरपारा स्थित सिल्वर ऑक बार को शराब की बोतल बेचते रंगे हाथ पकड़ लिया। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने बार को सील कर दिया है। साथ ही उसके लाइसेंस को भी एक सप्ताह के लिए सस्पेंड कर दिया है। कलेक्टर के आदेश के बाद आबकारी विभाग की टीम ने गुरुवार को बार को सील कर दिया है। दरअसल, फरवरी महीने में सिल्वर ऑक बार में देर रात तक बार खोलने और शराब की बोतल बेचने की शिकायत की गई थी। आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त ने शिकायत को गंभीरता से लिया। जिसके बाद उन्होंने 22 फरवरी की देर रात टेस्ट पर्चेस करने के लिए विभाग के अफसरों को बार भेजा। इस दौरान अफसरों ने प्लानिंग के तहत बार से अधिक कीमत पर सील पैक शराब की बोतल खरीदी की। जिसके बाद जांच प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर संजय अग्रवाल के पास प्रतिवेदन भेजा। कलेक्टर ने एक सप्ताह के लिए बार किया सील बार लाइसेंस के नियम और शर्तों में यह प्रावधान है कि बार में शराब के शौकीनों को बैठाकर पिलाया जा सकता है। लेकिन, किसी भी स्थिति में बार संचालक या उनके कर्मचारियों को बोलत में शराब बेचने की अनुमति नहीं है। इसके बाद भी नियमों को ताक पर रखकर बार के संचालक के कहने पर कर्मचारी शराब की बोतल बेच रहे थे। विभाग की जांच प्रतिवेदन में लाइसेंस नियम के विपरीत शराब बेचते पाए जाने पर सिल्वर ऑक होटल के बार को सील करने और एक सप्ताह तक लाइसेंस सस्पेंड करने का आदेश जारी किया है। उनके इस आदेश के बाद आबकारी विभाग की टीम गुरुवार को बार पहुंची, जहां मेन गेट को सील कर दिया है। इस अवधि में यदि बार संचालक शराब बेचते या पिलाते पाया गया तो उसके खिलाफ सीधे लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। बार में हुई थी गैंगवार और चाकूबाजी सिल्वर ऑक बार में नशे में कई अपराधिक घटनाएं हो चुकी है। करीब दो साल पहले बार के भीतर उपजे विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि गैंगवार हो गया। इस दौरान बाहर निकलते ही नशे में बदमाशों ने एक युवक पर चाकू से हमला कर दिया था। जब पुलिस पहुंची तो आरोपी बार और होटल की छत पर जाकर छिप गए थे।


