Dhurandhar 2 Atif Ahmed Role: रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए झंडे गाड़ रही है। फिल्म में जहां हर किरदार की तारीफ हो रही है वहीं एक ऐसा भी रोल है जिसे नई बहस को जन्म दे दिया है। वो कोई और नहीं बल्कि धुरंधर में दिखाए गए खास किरदार ‘आतिफ अहमद’ हैं। जिन्होंने देश की सियासत में उबाल ला दिया है। यह किरदार उत्तर प्रदेश के दिवंगत माफिया डॉन अतीक अहमद से प्रेरित बताया जा रहा है। अब इस मामले पर बिहार के कद्दावर नेता और बीजेपी मंत्री राम कृपाल यादव का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने फिल्म के मेकर्स का खुला समर्थन किया है और उन्होंने बताया है कि वह अतीक अहमद को अच्छे से जानते थे। जैसे ही उनका बयान सामने आया हर कोई हैरान रह गया।
अतीक अहमद के किरदार पर बीजेपी मंत्री का बयान (BJP Minister Support Dhurandhar 2 Atif Ahmed Role)
मंत्री राम कृपाल यादव ने फिल्म की तारीफ करते हुए कहा कि फिल्में समाज का आईना होती हैं और वही दिखाती हैं जो असलियत में घटित होता है। उन्होंने अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा, “अतीक अहमद सांसद थे और मेरे साथ संसद में रहे हैं। मैंने उन्हें बहुत करीब से देखा और जाना है। फिल्म में उनके किरदार को दिखाकर डायरेक्टर ने बिल्कुल ठीक किया है। जनता इस सच्चाई को सराह रही है और मैं फिल्म की पूरी टीम को इसके लिए बधाई देता हूं।”

फिल्म में अतीक अहमद और नोटबंदी का कनेक्शन (Ram Kripal Yadav On Atif Ahmed)
‘धुरंधर 2’ के एक वायरल सीन में दिखाया गया है कि ‘आतिफ अहमद’ (अतीक से प्रेरित किरदार) टीवी पर नोटबंदी की खबर देखते हुए पाकिस्तान के मेजर इकबाल से बात कर रहा है। फिल्म में अतीक के आखिरी पलों को भी बेहद नाटकीय अंदाज में फिल्माया गया है। उस सीन की काफी चर्चा हो रही है जिसमें किरदार कहता है, “मेरे बेटे के जनाजे पर भी जाने की इजाजत नहीं मिली“ और तभी गोलियां चलने लगती हैं।
सोशल मीडिया पर इस सीन को लेकर दो फाड़ नजर आ रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि नोटबंदी का फैसला सही था क्योंकि इससे पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क की कमर टूटी, वहीं कुछ सवाल उठा रहे हैं कि जो बातें सरकार अदालत में साबित नहीं कर पाई, उन्हें फिल्म में सच की तरह क्यों दिखाया जा रहा है।

समाजवादी पार्टी के नेता ने दी तीखी प्रतिक्रिया (S. T. Hasan Angry On Dhurandhar 2)
फिल्म के इस कंटेंट पर समाजवादी पार्टी के नेता डॉ. एस.टी. हसन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब एक सोची-समझी रणनीति के तहत हो रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “आजकल फिल्म कंपनियां भी राजनीतिक पार्टियों से नफरत फैलाने के लिए पैसे लेती हैं। यह फिल्म की सफलता के लिए अपनाया गया एक पैंतरा है।“ उनके मुताबिक, ऐसी फिल्में समाज में ध्रुवीकरण पैदा करने का काम करती हैं।
तमाम विवादों के बावजूद ‘धुरंधर 2’ अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रही है। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि अतीक अहमद वाले विवाद ने फिल्म को और ज्यादा ‘हाइप’ दे दी है, जिसका सीधा फायदा इसके कलेक्शन में दिख रहा है।


