ईरान-इजरायल संघर्ष: इस्लामिक देशों का बड़ा फैसला, खुले में इस कार्य को करने पर प्रतिबंध

ईरान-इजरायल संघर्ष: इस्लामिक देशों का बड़ा फैसला, खुले में इस कार्य को करने पर प्रतिबंध

Iran–Israel conflict: ईरान और US-इजरायल के बीच जारी संघर्ष को 2 हफ्ते से अधिक समय हो गया है। इस संघर्ष की वजह से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव है। इस संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट से दुनियाभर में होने वाली ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है। ईरान-इजरायल संघर्ष की वजह से संयुक्त अरब अमीरात समेत कई इस्लामिक देशों ने ईद-2026 के लिए गाइडलाइन जारी की है। ईद के पर्व पर संयुक्त अरब अमीरात में खुले मैदान में ईद की नमाज पढ़ने पर प्रतिबंध लगाया गया है। UAE सरकार ने कहा है कि इस बार ईद की नमाज खुले मैदान में नहीं होगी।

ईद पर मस्जिद में नमाज अदा करने का आदेश

ईरान-इजरायल संघर्ष की वजह से UAE में सार्वजनिक रूप से खुले मैदानों में ईद की नमाज पढ़ने पर रोक लगाई गई है। ईद पर मस्जिद के अंदर नमाज पढ़ने का आदेश जारी किया गया है। UAE में जनरल अथॉरिटी ऑफ इस्लामिक अफेयर्स की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी दी गई है। दरअसल, आमतौर पर ईद-उल-फितर की नमाज बड़े खुले मैदानों में एक साथ अदा की जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ें। UAE में सार्वजनिक सड़कों पर नमाज पढ़ने पर भी रोक लगाई गई है। नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

UAE के अलावा इन देशों ने लगाया प्रतिबंध

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अलावा कुवैत और कतर ने ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग की वजह से खुले में नमाज पढ़ने पर प्रतिबंध लगाया है। यह प्रतिबंध सुरक्षा कारणों से लगाया गया है। UAE, कुवैत और कतर में ईद-उल-फितर की नमाज खुले मैदानों (ईदगाहों) के बजाय केवल मस्जिदों के अंदर ही अदा करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और बाहरी सभाओं को रोकने के लिए लिया गया है। कतर के अवकाफ (Endowments) और इस्लामी मामलों के मंत्रालय ने सुरक्षा कारणों से नमाज मस्जिदों के अंदर करने की घोषणा की है।

ईरान-इजरायल युद्ध में अब तक 2200 लोगों की मौत

ईरान-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष में अभी तक 2200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। लेबनान में 1000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। लेबनान की तरफ से हिज्बुल्लाह ने पहले इजरायल पर हमला किया था और उसके बाद इजरायल लगातार लेबनान में हमले कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान-इजरायल संघर्ष शुरू होने के बाद से कुवैत में 6 लोगों की मौत हुई है। इनमें एक 11 वर्षीय लड़की भी शामिल है।
इसके अलावा सऊदी सिविल डिफेंस ने बताया कि 8 मार्च को अल-खर्ज शहर में एक रिहायशी इमारत पर सैन्य मिसाइल गिरने से 2 लोगों की मौत हो गई थी। कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन्स के जरिये कुवैत और यूएई पर भीषण प्रहार (Iran Attack UAE Kuwait) किया है। इस संघर्ष में ईरान ने UAE के हवाई क्षेत्र में 180 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और 1,000 से ज्यादा ड्रोन दागे हैं।

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