रास्ता रोककर गर्भवती महिलाओं को किया परेशान:ड्रम और गाड़ियों से रोका रास्ता, चार महीने तक पुलिस खामोश, इंदौर हाईकोर्ट ने दिए कार्रवाई के आदेश

रास्ता रोककर गर्भवती महिलाओं को किया परेशान:ड्रम और गाड़ियों से रोका रास्ता, चार महीने तक पुलिस खामोश, इंदौर हाईकोर्ट ने दिए कार्रवाई के आदेश

चार माह तक शिकायतों पर कोई कार्रवाई न होने से परेशान एक गर्भवती महिला ने हाईकोर्ट की शरण ली। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने थाना मल्हारगंज पुलिस को शिकायत पर विधिसम्मत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मामला पंचकुइया रोड, रामनगर क्षेत्र का है। यहां रहने वाली महिला ने आरोप लगाया है कि पड़ोस में रहने वाले उमेश जरवाल, दिनेश जुनवाल, महेश जुनवाल और गायत्री जुनवाल पिछले कई महीनों से उसके परिवार को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। रास्ता रोककर करते हैं परेशान महिला के एडवोकेट शुभम शर्मा और विकास जायसवाल के मुताबिक, याचिकाकर्ता और उसकी देवरानी दोनों गर्भवती हैं और डॉक्टरों ने उन्हें बेड रेस्ट की सलाह दी है। इसके बावजूद जब भी उन्हें डॉक्टर के पास जाना होता है, आरोपी घर के सामने पानी के ड्रम और गाड़ियां खड़ी कर रास्ता बंद कर देते हैं। इस वजह से दोनों महिलाओं को करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर ऑटो तक पहुंचना पड़ता है, जिससे गर्भपात का खतरा बना रहता है। कई जगह शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई पीड़िता ने इस संबंध में थाना मल्हारगंज, डीसीपी जोन-1, पुलिस कमिश्नर और कलेक्टर को लिखित शिकायतें दी थीं, लेकिन कहीं से राहत नहीं मिली। इसके बाद मजबूर होकर महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को तत्काल उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पहले भी हो चुकी है मारपीट एडवोकेट के अनुसार, इससे पहले भी आरोपियों ने परिवार का सामान सड़क पर रखकर रास्ता रोका था। विरोध करने पर मारपीट की गई, जिसमें महिला के पति का सिर फोड़ दिया गया था। इस मामले में मल्हारगंज थाने में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है।

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