अररिया शहर में अलविदा जुमे की नमाज शुक्रवार को अदा की गई। शहर की प्रमुख जामा मस्जिद सहित विभिन्न मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे। दूर-दराज के गांवों से भी लोग नमाज अदा करने आए, जिससे मस्जिद परिसरों में लंबी कतारें देखी गईं। जामा मस्जिद में नमाज के दौरान इबादत, अमन और भाईचारे का माहौल रहा। नमाजियों की भारी भीड़ से मस्जिदें भरी रहीं और अल्लाह की इबादत तथा दुआओं का सिलसिला जारी रहा। अलविदा जुमा रमजान के आखिरी जुमे के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है, जब मुसलमान अमन-चैन, खुशहाली और मुल्क की भलाई के लिए दुआ मांगते हैं। स्थानीय निवासी आबिद हुसैन अंसारी ने बताया कि रमजान का आखिरी जुमा खास होता है। इस दिन नमाज अदा करने के बाद लोग पूरी दुनिया में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ करते हैं। यह मौका आस्था और एकजुटता का प्रतीक है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की मौजूदगी और बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था के कारण नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। शहर के अन्य इलाकों जैसे आजाद एकेडमी, खलीलाबाद, मीर नगर, ककोड़वा बस्ती और इस्लाम नगर की मस्जिदों में भी बड़ी संख्या में नमाज अदा की गई। अलविदा जुमे के बाद लोग अब ईद-उल-फित्र की तैयारियों में जुट गए हैं। इस अलविदा जुमे ने मुस्लिम समुदाय में एकता और भाईचारे का संदेश मजबूत किया। अररिया में यह अवसर अमन और सद्भाव का उदाहरण बना। अररिया शहर में अलविदा जुमे की नमाज शुक्रवार को अदा की गई। शहर की प्रमुख जामा मस्जिद सहित विभिन्न मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे। दूर-दराज के गांवों से भी लोग नमाज अदा करने आए, जिससे मस्जिद परिसरों में लंबी कतारें देखी गईं। जामा मस्जिद में नमाज के दौरान इबादत, अमन और भाईचारे का माहौल रहा। नमाजियों की भारी भीड़ से मस्जिदें भरी रहीं और अल्लाह की इबादत तथा दुआओं का सिलसिला जारी रहा। अलविदा जुमा रमजान के आखिरी जुमे के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है, जब मुसलमान अमन-चैन, खुशहाली और मुल्क की भलाई के लिए दुआ मांगते हैं। स्थानीय निवासी आबिद हुसैन अंसारी ने बताया कि रमजान का आखिरी जुमा खास होता है। इस दिन नमाज अदा करने के बाद लोग पूरी दुनिया में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ करते हैं। यह मौका आस्था और एकजुटता का प्रतीक है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की मौजूदगी और बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था के कारण नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। शहर के अन्य इलाकों जैसे आजाद एकेडमी, खलीलाबाद, मीर नगर, ककोड़वा बस्ती और इस्लाम नगर की मस्जिदों में भी बड़ी संख्या में नमाज अदा की गई। अलविदा जुमे के बाद लोग अब ईद-उल-फित्र की तैयारियों में जुट गए हैं। इस अलविदा जुमे ने मुस्लिम समुदाय में एकता और भाईचारे का संदेश मजबूत किया। अररिया में यह अवसर अमन और सद्भाव का उदाहरण बना।


