Kanpur Cyber Fraud: कल्याणपुर थाना क्षेत्र से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर लोग लालच में आकर अपनी ही सुरक्षा से क्यों समझौता कर रहे हैं। इस मामले में एक महिला के बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी के लिए किए जाने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद पुलिस ने महिला के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) और समन्वय पोर्टल पर एक बैंक खाते से जुड़ी कई शिकायतें दर्ज हुई थीं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उनके साथ ऑनलाइन ठगी की गई है और रकम इसी खाते में ट्रांसफर कराई गई। जब इन शिकायतों की गंभीरता से जांच की गई तो खाते में संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ।
जांच में खुलासा: एक लाख से ज्यादा का संदिग्ध ट्रांजेक्शन
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह खाता नवीन नगर, काकादेव निवासी उमा गुप्ता के नाम पर है। खाते की डिटेल खंगालने पर सामने आया कि इसमें विभिन्न स्थानों से एक लाख रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर की गई है। यह रकम अलग-अलग लोगों से ठगी के जरिए हासिल की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने खाताधारक महिला से संपर्क कर पूछताछ की। पूछताछ में उमा गुप्ता ने जो खुलासा किया, उसने सभी को हैरान कर दिया। महिला ने बताया कि उसने लालच में आकर अपने बैंक खाते से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज और एटीएम कार्ड एक युवक को सौंप दिए थे।
महिला ने युवक की पहचान सुशांत पांडे उर्फ रीशू के रूप में बताई, लेकिन उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे सकी। पुलिस को शक है कि यही युवक इस पूरे साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा है और लोगों को ठगने के लिए दूसरों के खातों का इस्तेमाल करता है।
महिला पर मुकदमा, आरोपी की तलाश जारी
महिला की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए साइबर क्राइम सेल के उपनिरीक्षक रोहित कुमार दूबे की तहरीर पर कल्याणपुर थाने में उमा गुप्ता के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का मानना है कि बिना जानकारी के कोई भी व्यक्ति इस तरह अपने बैंक दस्तावेज और एटीएम किसी को नहीं सौंप सकता, इसलिए मामले में महिला की संलिप्तता की भी गहन जांच की जा रही है।
वही पूरे मामले को लेकर थाना प्रभारी संतोष सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और मुख्य आरोपी सुशांत पांडे की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। थाना प्रभारी ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी लालच या झांसे में आकर अपने बैंक से जुड़े दस्तावेज, एटीएम कार्ड या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। थोड़ी सी लापरवाही आपको भी साइबर अपराध का हिस्सा बना सकती है।


