विकास के नाम पर बड़ा खेल… 17 में से 11 सैंपल फेल, लैब जांच में खुला राज, अब इन ठेकेदार-अभियंताओं पर गिरेगी गाज

विकास के नाम पर बड़ा खेल… 17 में से 11 सैंपल फेल, लैब जांच में खुला राज, अब इन ठेकेदार-अभियंताओं पर गिरेगी गाज

बरेली। शहर में चल रहे विकास कार्यों की हकीकत गुरुवार को उस वक्त खुलकर सामने आ गई जब नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य खुद लैब पहुंच गए। सड़क और नाली निर्माण के सैंपलों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ—17 परियोजनाओं में से 11 के नमूने अधोमानक निकले। जांच के बाद नगर निगम में हड़कंप मच गया और ठेकेदारों से लेकर अभियंताओं तक में खलबली देखी गई।

नगर आयुक्त सुबह-सुबह डेलापीर स्थित सीएम ग्रिड लैब पहुंच गए और एक-एक सैंपल की जांच अपने सामने कराई। शहर के अलग-अलग वार्डों में चल रहे 17 से अधिक कार्यों के सैंपल मंगवाए गए थे। रिपोर्ट सामने आते ही साफ हो गया कि कई काम तय मानकों से आधे स्तर के हैं, जबकि कुछ पूरी तरह खराब पाए गए। जांच में सामने आया कि 11 निर्माण कार्यों के सैंपल फेल हो गए। इसमें सीसी रोड, नाली और आरसीसी नाला निर्माण जैसे अहम प्रोजेक्ट शामिल हैं। कई जगहों पर काम अधूरा मिला, तो कई जगह गुणवत्ता इतनी खराब थी कि मानकों के आसपास भी नहीं थी।

इन ठेकेदारों के काम पर उठे सवाल

जांच में गिरीश पराशरी, कुंवर कंस्ट्रक्शन, एसपीएस कंस्ट्रक्शन, सूरी डवलपर्स, कुमार एंड कंपनी, एपी कंस्ट्रक्शन, अंजनी बिल्डर्स, एमबी कंस्ट्रक्शन और एसपी कंस्ट्रक्शन जैसी एजेंसियों के कार्यों के नमूने अधोमानक पाए गए। कटघर, किशोर बाजार, वीरभट्ठी, कालीबाड़ी, कांकर टोला, आलमगिरीगंज जैसे इलाकों के कार्य भी जांच के घेरे में आए। सैंपल फेल होने के बाद मौके पर मौजूद अभियंताओं और ठेकेदारों के बीच हलचल बढ़ गई। एक ही वार्ड में कई कामों की गुणवत्ता खराब मिलने से मिलीभगत के आरोपों को भी बल मिला है। जांच के दौरान सभी जोन के अभियंता और संबंधित ठेकेदार मौजूद थे।

नगर आयुक्त सख्त, भुगतान रोकने और जुर्माने के निर्देश

नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी को सख्त निर्देश दिए हैं कि दोषी अभियंताओं और ठेकेदारों से स्पष्टीकरण लिया जाए। साथ ही जुर्माना लगाने और संबंधित कार्यों का भुगतान रोकने की कार्रवाई की जाए। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने साफ कहा कि शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आगे भी नियमित स्थलीय निरीक्षण और उच्च स्तरीय जांच जारी रहेगी ताकि जनता के पैसे से हो रहे कामों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। वहीं नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के सैंपल की जांच में कई कार्य अधोमानक पाए गए हैं। मुख्य अभियंता को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और आगे भी सख्त निगरानी जारी रहेगी।

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