पूर्व राज्यमंत्री राजवल्लभ प्रसाद यादव और नवादा से जदयू विधायक विभा देवी के छोटे बेटे अखिलेश यादव का सड़क हादसे में निधन हो गया। अखिलेश कुमार अपने आवास से गाड़ी लेकर निकले थे। उनकी गाड़ी एक पेड़ से जा टकराई। इस हादसे में वो गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के मेदांता में एडमिड कराया गया। इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। परिजन शव को लेकर पटना से नवादा स्थित उनके पैतृक आवास पथर इंग्लिश के लिए रवाना हो चुके हैं। घर के सबसे छोटे बेटे की मौत से विधायक विभा देवी और पूर्व मंत्री राजवल्लभ प्रसाद यादव का परिवार गहरे सदमे में है। घटना गुरुवार देर शाम की है। अखिलेश नवादा में पेट्रोल पंप संचालक थे।अखिलेश के तीन बेटे हैं। सभी बेटे पटना में पढ़ाई करते हैं। राजनीति से दूर रहते थे अखिलेश कुमार मृतक अखिलेश कुमार राजनीति से दूर रहते थे, लेकिन परिवार के सभी सदस्यों और आम लोगों के साथ उनका व्यवहार काफी अच्छा था। वह राजनीतिक कार्यक्रमों में भी शामिल होते थे और सभी से सहजता से बातचीत करते थे। लोग उन्हें एक मिलनसार व्यक्ति के रूप में जानते थे। पिता राजबल्लभ यादव पर लगा था रेप का आरोप अखिलेश कुमार के पिता और पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव पर एक नाबालिग से रेप का आरोप लगा था। उस वक्त राजबल्लब यादव राजद में थे। पार्टी ने राजबल्लभ को निकाल दिया था। मामला कोर्ट में चल रहा था। निचली अदालत ने राजबल्लभ यादव, सुलेखा देवी एवं राधा देवी को आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई थी। जबकि अन्य तीन को 10 साल की सजा दी थी। पिछले साल हाईकोर्ट से राजबल्लब यादव बरी हो गए। उसके बाद लालू यादव के खिलाफ मोर्चा खोला और उनकी पत्नी विभा देवी जदयू में शामिल हो गईं। नाबालिग से रेप का पूरा मामला क्या है वो जानिए मामला 6 फरवरी 2016 का है। नालंदा जिले के सुल्तानपुर की रहने वाली 15 साल की लड़की बिहारशरीफ नगर इलाके में किराये के घर में रहकर पढ़ाई करती थी। उस दिन सुलेखा और उसकी मां उसके कमरे पर गईं थी। दोनों ने लड़की से बर्थडे पार्टी में चलने को कहा। लड़की ने भी हामी भर दी। लड़की को लेकर सुलेखा और उसकी मां नवादा के विधायक राजबल्लभ के मकान पहुंची। वहां राजवल्लभ ने लड़की के साथ रेप किया। 7 फरवरी को सुलेखा ने लड़की को उसके घर बिहारशरीफ छोड़ा। उसे 30 हजार रुपए दिए और मुंह बंद करने की धमकी दी, लेकिन लड़की चुप नहीं रही। 9 फरवरी को उसने बिहारशरीफ के एक थाने में FIR दर्ज करा दी। लड़की ने फोटो देखकर राजबल्लभ को पहचाना था 10 फरवरी को पुलिस लड़की को लेकर नवादा स्थित राजबल्लभ के घर पहुंची। इसके बाद बच्ची को राजबल्लभ की फोटो दिखाई। लड़की ने फोटो देखकर राजबल्लभ को पहचान लिया। शिनाख्त के बाद डीआईजी ने राजबल्लभ को गिरफ्तारी के आदेश दे दिए। अगले दिन फोरेंसिक टीम नवादा वाले घर पहुंची और जांच की। 15 फरवरी को राजद ने राजबल्लभ को पार्टी से हटा दिया। इसी दिन पुलिस ने सुलेखा के पति अरुण को गिरफ्तार किया। 15 फरवरी को कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए, विधायक राजबल्लभ प्रसाद के खिलाफ सर्च वारंट जारी किया। 19 फरवरी को सुलेखा के दामाद संदीप को गिरफ्तार किया। 25 फरवरी को सुलेखा समेत 4 लोग पकड़ लिए गए। 28 फरवरी को राजबल्लभ के पटना और नवादा के घर को सील कर लिया। राजबल्लभ अब भी फरार थे। 23 दिन तक फरार रहने के बाद 10 मार्च को उन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। 2 साल मामला चला, उम्रकैद की सजा मिली 15 सितंबर 2016 को कोर्ट में गवाही शुरू हुई। पटना हाईकोर्ट ने 20 सितंबर को राजबल्लभ को जमानत दे दी। जमानत के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची, जहां से राजबल्लभ की जमानत खारिज हो गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और MP-MLA कोर्ट बनने के बाद सभी रिकॉर्ड पटना की विशेष अदालत में ट्रांसफर कर दिए। दो साल बाद दिसंबर 2018 को कोर्ट ने राजबल्लभ समेत छोटी देवी, सुलेखा देवी, संदीप सुमन, राधा देवी और तूसी देवी को दोषी करार दिया। राजबल्लभ को उम्रकैद की सजा मिली। राजबल्लभ बिहार के ऐसे पहले विधायक हैं, जिन्हें पद पर रहते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई । 2020 में चुनाव के लिए राजद ने इनकी पत्नी विभा देवी को नवादा से टिकट दिया है। 2017 में DSP को जान से मारने की धमकी दी जुलाई 2017 में राजबल्लभ जेल में बंद थे। उस वक्त DSP मृदुला सिन्हा उनकी निगरानी में तैनात थीं। इस दौरान राजबल्लभ ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद मृदुला सिन्हा ने एसएसपी से शिकायत की और सुरक्षा की मांग की थी। मृदुला सिन्हा का कहना था कि नवादा में विधायक राजबल्लभ की पेशी के दौरान मेरी हत्या हो सकती है। पूर्व राज्यमंत्री राजवल्लभ प्रसाद यादव और नवादा से जदयू विधायक विभा देवी के छोटे बेटे अखिलेश यादव का सड़क हादसे में निधन हो गया। अखिलेश कुमार अपने आवास से गाड़ी लेकर निकले थे। उनकी गाड़ी एक पेड़ से जा टकराई। इस हादसे में वो गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के मेदांता में एडमिड कराया गया। इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। परिजन शव को लेकर पटना से नवादा स्थित उनके पैतृक आवास पथर इंग्लिश के लिए रवाना हो चुके हैं। घर के सबसे छोटे बेटे की मौत से विधायक विभा देवी और पूर्व मंत्री राजवल्लभ प्रसाद यादव का परिवार गहरे सदमे में है। घटना गुरुवार देर शाम की है। अखिलेश नवादा में पेट्रोल पंप संचालक थे।अखिलेश के तीन बेटे हैं। सभी बेटे पटना में पढ़ाई करते हैं। राजनीति से दूर रहते थे अखिलेश कुमार मृतक अखिलेश कुमार राजनीति से दूर रहते थे, लेकिन परिवार के सभी सदस्यों और आम लोगों के साथ उनका व्यवहार काफी अच्छा था। वह राजनीतिक कार्यक्रमों में भी शामिल होते थे और सभी से सहजता से बातचीत करते थे। लोग उन्हें एक मिलनसार व्यक्ति के रूप में जानते थे। पिता राजबल्लभ यादव पर लगा था रेप का आरोप अखिलेश कुमार के पिता और पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव पर एक नाबालिग से रेप का आरोप लगा था। उस वक्त राजबल्लब यादव राजद में थे। पार्टी ने राजबल्लभ को निकाल दिया था। मामला कोर्ट में चल रहा था। निचली अदालत ने राजबल्लभ यादव, सुलेखा देवी एवं राधा देवी को आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई थी। जबकि अन्य तीन को 10 साल की सजा दी थी। पिछले साल हाईकोर्ट से राजबल्लब यादव बरी हो गए। उसके बाद लालू यादव के खिलाफ मोर्चा खोला और उनकी पत्नी विभा देवी जदयू में शामिल हो गईं। नाबालिग से रेप का पूरा मामला क्या है वो जानिए मामला 6 फरवरी 2016 का है। नालंदा जिले के सुल्तानपुर की रहने वाली 15 साल की लड़की बिहारशरीफ नगर इलाके में किराये के घर में रहकर पढ़ाई करती थी। उस दिन सुलेखा और उसकी मां उसके कमरे पर गईं थी। दोनों ने लड़की से बर्थडे पार्टी में चलने को कहा। लड़की ने भी हामी भर दी। लड़की को लेकर सुलेखा और उसकी मां नवादा के विधायक राजबल्लभ के मकान पहुंची। वहां राजवल्लभ ने लड़की के साथ रेप किया। 7 फरवरी को सुलेखा ने लड़की को उसके घर बिहारशरीफ छोड़ा। उसे 30 हजार रुपए दिए और मुंह बंद करने की धमकी दी, लेकिन लड़की चुप नहीं रही। 9 फरवरी को उसने बिहारशरीफ के एक थाने में FIR दर्ज करा दी। लड़की ने फोटो देखकर राजबल्लभ को पहचाना था 10 फरवरी को पुलिस लड़की को लेकर नवादा स्थित राजबल्लभ के घर पहुंची। इसके बाद बच्ची को राजबल्लभ की फोटो दिखाई। लड़की ने फोटो देखकर राजबल्लभ को पहचान लिया। शिनाख्त के बाद डीआईजी ने राजबल्लभ को गिरफ्तारी के आदेश दे दिए। अगले दिन फोरेंसिक टीम नवादा वाले घर पहुंची और जांच की। 15 फरवरी को राजद ने राजबल्लभ को पार्टी से हटा दिया। इसी दिन पुलिस ने सुलेखा के पति अरुण को गिरफ्तार किया। 15 फरवरी को कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए, विधायक राजबल्लभ प्रसाद के खिलाफ सर्च वारंट जारी किया। 19 फरवरी को सुलेखा के दामाद संदीप को गिरफ्तार किया। 25 फरवरी को सुलेखा समेत 4 लोग पकड़ लिए गए। 28 फरवरी को राजबल्लभ के पटना और नवादा के घर को सील कर लिया। राजबल्लभ अब भी फरार थे। 23 दिन तक फरार रहने के बाद 10 मार्च को उन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। 2 साल मामला चला, उम्रकैद की सजा मिली 15 सितंबर 2016 को कोर्ट में गवाही शुरू हुई। पटना हाईकोर्ट ने 20 सितंबर को राजबल्लभ को जमानत दे दी। जमानत के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची, जहां से राजबल्लभ की जमानत खारिज हो गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और MP-MLA कोर्ट बनने के बाद सभी रिकॉर्ड पटना की विशेष अदालत में ट्रांसफर कर दिए। दो साल बाद दिसंबर 2018 को कोर्ट ने राजबल्लभ समेत छोटी देवी, सुलेखा देवी, संदीप सुमन, राधा देवी और तूसी देवी को दोषी करार दिया। राजबल्लभ को उम्रकैद की सजा मिली। राजबल्लभ बिहार के ऐसे पहले विधायक हैं, जिन्हें पद पर रहते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई । 2020 में चुनाव के लिए राजद ने इनकी पत्नी विभा देवी को नवादा से टिकट दिया है। 2017 में DSP को जान से मारने की धमकी दी जुलाई 2017 में राजबल्लभ जेल में बंद थे। उस वक्त DSP मृदुला सिन्हा उनकी निगरानी में तैनात थीं। इस दौरान राजबल्लभ ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद मृदुला सिन्हा ने एसएसपी से शिकायत की और सुरक्षा की मांग की थी। मृदुला सिन्हा का कहना था कि नवादा में विधायक राजबल्लभ की पेशी के दौरान मेरी हत्या हो सकती है।


