सबसे ज्यादा और सबसे अधिक दिनों तक मुख्यमंत्री रहने वाले नीतीश कुमार के नाम एक और रिकॉर्ड जुड़ा है। वे जदयू के सबसे ज्यादा और सबसे अधिक दिनों तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहने वाले नेता होंगे। गुरुवार को उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया। 5वीं बार वही फिर से अध्यक्ष बनेंगे। उनका नामांकन पत्र राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, मंत्री श्रवण कुमार आदि ने निर्वाचन अधिकारी अनिल प्रसाद हेगड़े को सौंपा। संजय, मुख्य प्रस्तावक रहे। नीतीश, 10 अप्रैल 2016 को पहली बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। 3 अक्टूबर 2016 तक रहे। 4 अक्टूबर 2016 से 27 अक्टूबर 2019 (दूसरी बार), 28 अक्टूबर 2019 से 27 दिसंबर 2020 (तीसरी बार) तक अध्यक्ष रहे। फिर 29 दिसंबर 2023 से अब तक अध्यक्ष हैं। यह उनका चौथा टर्म है। 5वां टर्म भी उन्हीं के नाम होगा। जदयू के पहले अध्यक्ष जार्ज फर्नांडीस रहे। 2003 से 2006 तक। इसके बाद कमान शरद यादव के पास आई। वे लगातार 3 टर्म यानी 2006 से 2016 तक अध्यक्ष रहे। आरसीपी सबसे कम 1 साल अध्यक्ष रहे। 2020 से 2021 तक। राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ को दो वर्षों (2021-2023) के लिए यह जिम्मेदारी मिली। 22 तक नामांकन होगा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए 22 मार्च तक नामांकन है। 23 मार्च को स्क्रूटनी होगी। 24 मार्च को नाम वापसी का आखिरी दिन है। अगर एक से अधिक नामांकन हुए, तो 27 मार्च को चुनाव होगा। नीतीश के नामांकन के बाद चुनाव की गुंजाइश नहीं है। सबसे ज्यादा और सबसे अधिक दिनों तक मुख्यमंत्री रहने वाले नीतीश कुमार के नाम एक और रिकॉर्ड जुड़ा है। वे जदयू के सबसे ज्यादा और सबसे अधिक दिनों तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहने वाले नेता होंगे। गुरुवार को उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया। 5वीं बार वही फिर से अध्यक्ष बनेंगे। उनका नामांकन पत्र राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, मंत्री श्रवण कुमार आदि ने निर्वाचन अधिकारी अनिल प्रसाद हेगड़े को सौंपा। संजय, मुख्य प्रस्तावक रहे। नीतीश, 10 अप्रैल 2016 को पहली बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। 3 अक्टूबर 2016 तक रहे। 4 अक्टूबर 2016 से 27 अक्टूबर 2019 (दूसरी बार), 28 अक्टूबर 2019 से 27 दिसंबर 2020 (तीसरी बार) तक अध्यक्ष रहे। फिर 29 दिसंबर 2023 से अब तक अध्यक्ष हैं। यह उनका चौथा टर्म है। 5वां टर्म भी उन्हीं के नाम होगा। जदयू के पहले अध्यक्ष जार्ज फर्नांडीस रहे। 2003 से 2006 तक। इसके बाद कमान शरद यादव के पास आई। वे लगातार 3 टर्म यानी 2006 से 2016 तक अध्यक्ष रहे। आरसीपी सबसे कम 1 साल अध्यक्ष रहे। 2020 से 2021 तक। राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ को दो वर्षों (2021-2023) के लिए यह जिम्मेदारी मिली। 22 तक नामांकन होगा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए 22 मार्च तक नामांकन है। 23 मार्च को स्क्रूटनी होगी। 24 मार्च को नाम वापसी का आखिरी दिन है। अगर एक से अधिक नामांकन हुए, तो 27 मार्च को चुनाव होगा। नीतीश के नामांकन के बाद चुनाव की गुंजाइश नहीं है।


