राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता को लेकर दाखिल याचिका पर गुरुवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में अहम सुनवाई हुई। कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से करीब 4000 पन्नों के दस्तावेज पेश किए गए।
साथ ही केंद्र सरकार को पार्टी बनाए जाने का नोटिस भी जारी किया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को तय की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सभी की नजरें 6 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
जस्टिस राजीव सिंह की चेंबर में हुई अहम सुनवाई
सुनवाई के दौरान जस्टिस राजीव सिंह की चेंबर में लंच के बाद याचिकाकर्ता और केंद्र सरकार के वकील के बीच करीब एक घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई।
इस दौरान कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों और तथ्यों पर गहन मंथन किया गया, जिसे मामले में महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में देखा जा रहा है।
केंद्र सरकार ने पेश किए हजारों पन्नों के दस्तावेज
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से गृह मंत्रालय के विदेशी प्रभाग और नागरिकता विंग से जुड़ी फाइलें कोर्ट में पेश की गईं।
बताया जा रहा है कि इन दस्तावेजों में राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता से जुड़े कई अहम बिंदु शामिल हैं, हालांकि इनकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
30 महीने बाद मामले में दिखी ठोस प्रगति
याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर का कहना है कि करीब ढाई साल बाद इस मामले में ठोस प्रगति देखने को मिली है।
उन्होंने दावा किया कि प्रस्तुत दस्तावेजों में कई महत्वपूर्ण जानकारियां हैं, जो मामले की दिशा तय कर सकती हैं।
FIR दर्ज कराने की मांग, MP-MLA कोर्ट के आदेश को चुनौती
याचिका में रायबरेली के कोतवाली थाने में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की गई है।
साथ ही विशेष MP-MLA कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें 28 जनवरी 2026 को FIR दर्ज करने की मांग खारिज कर दी गई थी।
कई गंभीर कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग
याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923, पासपोर्ट एक्ट 1967 और फॉरेनर्स एक्ट 1946 समेत कई गंभीर धाराओं में कार्रवाई की मांग की है।
याचिका में कहा गया है कि प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर संज्ञेय अपराध बनता है, जिस पर कानूनी कार्रवाई जरूरी है।
कोर्ट ने पहले मांगी थी पूरी फाइल
इससे पहले 9 मार्च 2026 को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को राहुल गांधी की नागरिकता से संबंधित पूरी फाइल पेश करने के निर्देश दिए थे। इसी के अनुपालन में अब विस्तृत दस्तावेज कोर्ट में दाखिल किए गए हैं, जिनके आधार पर आगे की सुनवाई हुई है।


