जामनगर. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल गुरुवार सुबह खराब मौसम के कारण जामनगर और पोरबंदर में आयोजित कार्यक्रम में गांधीनगर से वर्चुअली जुड़े। उन्होंने चैत्री नवरात्र, चेटीचंड और नव वर्ष प्रतिपदा पर जामनगर जिले को 412.16 करोड़ के 57 विकास कार्यों की सौगात दी। वहीं पोरबंदर जिले के 46 कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया।
जामनगर के हापा एपीएमसी और टाउन हॉल में कार्यक्रम तय समय पर हुए। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए कहा कि एक समय सौराष्ट्र में पानी और बिजली की भारी कमी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में ‘सौनी योजना’ और ‘ज्योतिग्राम योजना’ के ज़रिए नर्मदा का पानी खेतों तक पहुंचाया गया। पिछले पांच सालों में जामनगर जिले में सड़कों और दूसरी सुविधाओं के लिए 1775 करोड़ रुपये के काम हुए हैं, इनमें 125 चेक डैम-तालाब और 57 सब-हेल्थ सेंटर शामिल हैं। साधना कॉलोनी के निवासियों के लिए गुरुवार को घर की नींव रखने के साथ ही यहां की सदियों पुरानी समस्या का अंत हो गया। शिक्षा राज्यमंत्री रीवाबा जाडेजा ने कहा कि जामनगर विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO के ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन, जामनगर-अमृतसर एक्सप्रेस-वे और वंदे भारत ट्रेन सुविधाओं के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में उभर रहा है।
सांस्कृतिक विरासतों को ध्यान में रखकर पोरबंदर का सर्वांगीण विकास
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की वर्चुअली अध्यक्षता में गुरुवार को पोरबंदर शहर के ताजावाला हॉल में कुल 413.81 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के लगभग 46 विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया। इनमें 329.59 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले 17 विकास कार्यों का ई-शिलान्यास तथा 93.22 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए 29 विकास कार्यों का ई-लोकार्पण किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक विरासतों को ध्यान में रखकर पोरबंदर का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। आगामी रामनवमी से शुरू होने वाला माधवपुर का मेला केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि भगवान श्री कृष्ण एवं रुक्मणि के विवाह प्रसंग द्वारा पश्चिम भारत तथा उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों को जोड़ने वाला ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का अटूट सेतु है। राज्य सरकार ने पोरबंदर जिले में पिछले 5 वर्षों में 2100 करोड़ रुपए के कार्य किए हैं।
वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि बरडा तथा घेड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के आंतरिक सड़क मार्गों के नवीनीकरण के लिए भी करोड़ों रुपए की प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है, जो आगामी समय में जिले की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार लाएगी। वन विभाग की ओर से 20 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले ‘सर्वोदय वन’ का उल्लेख करते हुए मोढवाडिया ने कहा कि यह परियोजना पोरबंदर को पर्यावरण एवं पर्यटन क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।


