खगड़िया के महद्दीपुर स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर प्रांगण में आयोजित चार दिवसीय राजकीय चैती दुर्गा मेले में इस बार माता वैष्णो देवी की भव्य गुफा झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गई है। यह प्रतिकृति भक्तों को वैष्णो देवी धाम जैसा वास्तविक अनुभव देने का प्रयास कर रही है। जमुई और मुंगेर के अनुभवी मूर्तिकार पिंटू साह, उनके पुत्र डब्ल्यू कुमार, अरविंद यादव और सुजीत कुमार अपनी टीम के साथ इस गुफा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इसे बांस-बल्ली, पटसन की चादर, पीओपी समेत पारंपरिक सामग्रियों का उपयोग करके तैयार किया जा रहा है। स्थल पर अभी से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी गुफा के भीतर माता की पिंडी, भव्य गर्भगृह, कठिन चढ़ाई वाले रास्ते, पहाड़ों की संरचना और भैरव मंदिर की झलक को बेहद जीवंत रूप दिया गया है। पसराहा रेलवे स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर दक्षिण में स्थित इस स्थल पर अभी से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। मुख्य मूर्तिकार पिंटू साह ने बताया कि वे पिछले 30 वर्षों से देश के विभिन्न मेलों में थीम आधारित झांकियों का निर्माण कर रहे हैं। इस कला से न केवल उनकी आजीविका चलती है, बल्कि लगभग पांच दर्जन लोगों को रोजगार भी मिलता है, जिससे कई परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। प्रति व्यक्ति 50 रुपये की सहयोग राशि तय की गई उन्होंने यह भी बताया कि गुफा निर्माण का कार्य 15 मार्च को शुरू हुआ था और इसे 25 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। इस भव्य झांकी पर 10 लाख रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है। दर्शनों के लिए प्रति व्यक्ति 50 रुपये की सहयोग राशि तय की गई है, जबकि दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश निशुल्क रखा गया है। पिंटू साह ने बताया कि उनकी टीम कुंभ मेला, राजगीर मेला, रांची सहित कई स्थानों पर राम मंदिर और अन्य थीम आधारित भव्य संरचनाएं तैयार कर चुकी है। आयोजन समिति ने की व्यापक तैयारी मेला अध्यक्ष रोहिन कुमार, रोहिन सिंह और डायरेक्टर रणधीर कुमार ने बताया कि इस बार वैष्णो देवी गुफा झांकी मेले की सबसे बड़ी खासियत होगी। श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाओं की समुचित तैयारी कर ली गई है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार महद्दीपुर का चैती दुर्गा मेला आस्था, कला और सांस्कृतिक वैभव का अनूठा संगम बनकर क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा। खगड़िया के महद्दीपुर स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर प्रांगण में आयोजित चार दिवसीय राजकीय चैती दुर्गा मेले में इस बार माता वैष्णो देवी की भव्य गुफा झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गई है। यह प्रतिकृति भक्तों को वैष्णो देवी धाम जैसा वास्तविक अनुभव देने का प्रयास कर रही है। जमुई और मुंगेर के अनुभवी मूर्तिकार पिंटू साह, उनके पुत्र डब्ल्यू कुमार, अरविंद यादव और सुजीत कुमार अपनी टीम के साथ इस गुफा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इसे बांस-बल्ली, पटसन की चादर, पीओपी समेत पारंपरिक सामग्रियों का उपयोग करके तैयार किया जा रहा है। स्थल पर अभी से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी गुफा के भीतर माता की पिंडी, भव्य गर्भगृह, कठिन चढ़ाई वाले रास्ते, पहाड़ों की संरचना और भैरव मंदिर की झलक को बेहद जीवंत रूप दिया गया है। पसराहा रेलवे स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर दक्षिण में स्थित इस स्थल पर अभी से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। मुख्य मूर्तिकार पिंटू साह ने बताया कि वे पिछले 30 वर्षों से देश के विभिन्न मेलों में थीम आधारित झांकियों का निर्माण कर रहे हैं। इस कला से न केवल उनकी आजीविका चलती है, बल्कि लगभग पांच दर्जन लोगों को रोजगार भी मिलता है, जिससे कई परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। प्रति व्यक्ति 50 रुपये की सहयोग राशि तय की गई उन्होंने यह भी बताया कि गुफा निर्माण का कार्य 15 मार्च को शुरू हुआ था और इसे 25 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। इस भव्य झांकी पर 10 लाख रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है। दर्शनों के लिए प्रति व्यक्ति 50 रुपये की सहयोग राशि तय की गई है, जबकि दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश निशुल्क रखा गया है। पिंटू साह ने बताया कि उनकी टीम कुंभ मेला, राजगीर मेला, रांची सहित कई स्थानों पर राम मंदिर और अन्य थीम आधारित भव्य संरचनाएं तैयार कर चुकी है। आयोजन समिति ने की व्यापक तैयारी मेला अध्यक्ष रोहिन कुमार, रोहिन सिंह और डायरेक्टर रणधीर कुमार ने बताया कि इस बार वैष्णो देवी गुफा झांकी मेले की सबसे बड़ी खासियत होगी। श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाओं की समुचित तैयारी कर ली गई है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार महद्दीपुर का चैती दुर्गा मेला आस्था, कला और सांस्कृतिक वैभव का अनूठा संगम बनकर क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।


