दरभंगा में तालाब से पति-पत्नी का शव मिला है। एक दूसरे तो बचाने के चक्कर में तालाब में डूबने की आशंका है। मृतकों की पहचान भरवाड़ा गांव निवासी सनाउल्लाह(52) और उनकी पत्नी इशरत प्रवीण(48) के तौर पर हुई है। गोताखारों ने शव को पानी से बाहर निकाला। घटना सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भरवाड़ा गांव की है। गोतनी मुसरत परवीन ने बताया कि घटना कैसे हुई, इसकी कोई जानकारी नहीं है। रात में सभी लोग सोए हुए थे। पता नहीं चल पाया कि दोनों किस समय घर से बाहर निकले। सुबह एक बच्चा घर आया। बताया कि पोखर में लाश तैर रही है। इसके बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। बड़ी देवरानी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी। भैंसुर भी पिछले एक साल से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। करीब एक सप्ताह पहले भी महिला देर रात करीब 2 बजे तालाब में डूबने चली गई थी, लेकिन उस समय पुलिस की मदद से उसे बचा लिया गया था। इसके बाद वह घर लौट आई थी और सामान्य रूप से रह रही थी। एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में गई जान परिजन शहनाज प्रवीण ने बताया कि अभी रमजान चल रहा है। सुबह सेहरी के लिए जगने के बाद इशरत शौच के लिए घर से बाहर निकली थी। उनके साथ सनाउल्लाह भी बाहर गए थे। आशंका है तालाब के पास उनका पैर फिसला और पत्नी को डूबता देख सनाउल्लाह भी पानी में कूद पड़े होंगे, लेकिन दुर्भाग्यवश दोनों डूब गए। परिवार में एक बेटा और एक बेटी है। बेटी की शादी हो चुकी है। बेटा बाहर रहकर बैग बनाने का काम करता है। सनाउल्लाह बीड़ी बनाने का काम करता था। ग्रामीण मो. सुभान ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि पोखर में किसी दंपति की लाश पड़ी है। इसके बाद भागते-भागते मौके पर पहुंचा। घाट पर दो चप्पल भी पड़ा हुआ था। शक होने पर तुरंत थानाध्यक्ष को फोन किया। मृतका उनकी रिश्ते की चाची हैं और उनके ही वार्ड की रहने वाली थीं। मानिसक रूप से परेशान थे इस संबंध में सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष वसंत कुमार ने बताया कि जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। गोताखोरों की मदद से शव बाहर निकाला गया। पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान थे। पहले भी कई बार डूबने का प्रयास कर चुके थे। करीब चार दिन पहले भी डायल 112 की टीम ने महिला को इसी तालाब से सुरक्षित निकालकर घर पहुंचाया था।परिजनों के बयान के आधार पर छानबीन की जा रही है। दरभंगा में तालाब से पति-पत्नी का शव मिला है। एक दूसरे तो बचाने के चक्कर में तालाब में डूबने की आशंका है। मृतकों की पहचान भरवाड़ा गांव निवासी सनाउल्लाह(52) और उनकी पत्नी इशरत प्रवीण(48) के तौर पर हुई है। गोताखारों ने शव को पानी से बाहर निकाला। घटना सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भरवाड़ा गांव की है। गोतनी मुसरत परवीन ने बताया कि घटना कैसे हुई, इसकी कोई जानकारी नहीं है। रात में सभी लोग सोए हुए थे। पता नहीं चल पाया कि दोनों किस समय घर से बाहर निकले। सुबह एक बच्चा घर आया। बताया कि पोखर में लाश तैर रही है। इसके बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। बड़ी देवरानी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी। भैंसुर भी पिछले एक साल से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। करीब एक सप्ताह पहले भी महिला देर रात करीब 2 बजे तालाब में डूबने चली गई थी, लेकिन उस समय पुलिस की मदद से उसे बचा लिया गया था। इसके बाद वह घर लौट आई थी और सामान्य रूप से रह रही थी। एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में गई जान परिजन शहनाज प्रवीण ने बताया कि अभी रमजान चल रहा है। सुबह सेहरी के लिए जगने के बाद इशरत शौच के लिए घर से बाहर निकली थी। उनके साथ सनाउल्लाह भी बाहर गए थे। आशंका है तालाब के पास उनका पैर फिसला और पत्नी को डूबता देख सनाउल्लाह भी पानी में कूद पड़े होंगे, लेकिन दुर्भाग्यवश दोनों डूब गए। परिवार में एक बेटा और एक बेटी है। बेटी की शादी हो चुकी है। बेटा बाहर रहकर बैग बनाने का काम करता है। सनाउल्लाह बीड़ी बनाने का काम करता था। ग्रामीण मो. सुभान ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि पोखर में किसी दंपति की लाश पड़ी है। इसके बाद भागते-भागते मौके पर पहुंचा। घाट पर दो चप्पल भी पड़ा हुआ था। शक होने पर तुरंत थानाध्यक्ष को फोन किया। मृतका उनकी रिश्ते की चाची हैं और उनके ही वार्ड की रहने वाली थीं। मानिसक रूप से परेशान थे इस संबंध में सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष वसंत कुमार ने बताया कि जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। गोताखोरों की मदद से शव बाहर निकाला गया। पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान थे। पहले भी कई बार डूबने का प्रयास कर चुके थे। करीब चार दिन पहले भी डायल 112 की टीम ने महिला को इसी तालाब से सुरक्षित निकालकर घर पहुंचाया था।परिजनों के बयान के आधार पर छानबीन की जा रही है।


