Rajasthan Panchayat Chunav: राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव की तिथि घोषित नहीं होने से चुनाव की तैयारी कर रहे ग्रामीण इलाकों के युवाओं में काफी निराशा नजर आ रही है । एक बार हाईकोर्ट द्वारा 15 अप्रेल तक चुनाव करवाने के निर्देश दिए जाने पर ग्रामीण क्षेत्रों में काफी हलचल मच गई थी ।
चुनाव के लिए अपना भाग्य आजमाने वाले युवाओं व बुजुर्गों ने भी कमर कस ली थी। लोगों से घरों में जाकर मिलना, चुनाव जिताने पर वादे भी करने लग गए थे । लेकिन आधा मार्च बीतने के बाद भी चुनाव की तिथि घोषित नहीं किए जाने से युवाओं, बुजुर्गों व चुनाव की तैयारी कर रहे भावी सरपंचों में निराशा नजर आ रही है ।
ग्रामीण युवाओं ने कहा कि सरकार बार बार चुनाव आगे खिसकाने की बात कर रही है । इसकी मुख्य वजह भी समझ नहीं आ रही है । सरकार द्वारा 15 अप्रेल तक चुनाव नहीं करवाने को लेकर भी गांवों में चर्चा की जा रही है ।
कोर्ट जाने पर विचार कर रही सरकार
कोर्ट के आदेशों के मुताबिक 15 अप्रेल तक पंचायतीराज चुनाव कराए जाने हैं, लेकिन अभी तक ओबीसी आरक्षण की रिपोर्ट नहीं आई है । समय बढ़ाने के लिए सरकार कोर्ट जाने पर विचार कर रही है ।
मुश्किल माना जा रहा 15 अप्रेल तक चुनाव कराना
राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है । विशेषज्ञ के अनुसार चुनाव सम्बंधित अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने में लगभग एक महीने का समय भी लग सकता है । ऐसे में 15 अप्रेल तक चुनाव कराना मुश्किल माना जा रहा है ।
राजनीति का चस्का है ही कुछ ऐसा
ग्रामीण क्षेत्रों में एक बार तो भावी सरपंच दोपहरी में गांवों के रास्ते और खेतों की पगडंडियां नापने लग गए और जनता से सरपंच के चुनाव में आशीर्वाद मांगते नजर आए थे । लेकिन चुनाव की तिथि घोषित नहीं किए जाने से धीमापन आया है ।
समय पर चुनाव करवाने की मांग
ग्रामीण इलाकों के भावी सरपंचों व युवाओं ने सरकार व चुनाव आयोग से समय पर पंचायत राज चुनाव करवाने की मांग की है । जिससे युवा इन चुनावों में अपना भाग्य आजमा सकें ।


