प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) की बोर्ड बैठक बुधवार को मंडलायुक्त कार्यालय में आयोजित हुई, जिसमें शहर के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्यय बजट को स्वीकृति दी गई, जिससे आने वाले समय में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी। बैठक में मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत प्रस्तुत प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही, प्रयागराज महायोजना-2034 (पुनरीक्षित) में पाई गई विसंगतियों के संशोधन को मंजूरी देते हुए प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए। शहर में आगामी परियोजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए व्यापक आर्किटेक्चर और अर्बन डिजाइन सेवाओं के लिए फर्मों के एम्पैनलमेंट पर विचार किया गया। इसके अलावा, भूमि अधिग्रहण और समेकन की प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी देखा गया। परियोजनाओं की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के गठन को मंजूरी दी गई। वहीं, प्राधिकरण में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्मिकों की आपूर्ति के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिल गई। संगम तट स्थित लेटे हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्यों में आवश्यक संशोधनों को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही, अर्बन सीलिंग और ट्रस्ट की जमीनों के लैंड ऑडिट रिपोर्ट का अवलोकन कर प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। बैठक में प्रयागराज विकास क्षेत्र की सीमा विस्तार के प्रस्ताव की भी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही, महाकुंभ 2025 से जुड़े विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा की गई। प्राधिकरण की विभिन्न आवासीय योजनाओं में खाली फ्लैटों के विक्रय के लिए नई गाइडलाइन के अनुसार कार्रवाई करने का भी निर्णय लिया गया। इन फैसलों से प्रयागराज के शहरी विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।


