मगध विश्वविद्यालय ने पीजे के छात्रों के लिए एग्जाम फॉर्म भरने और फीस जमा करने की डेट जारी कर दी है। फोर्थ सेमेस्टर (सत्र 2024-26) और सेकंड सेमेस्टर (सत्र 2025-27) के छात्र 24 मार्च से 7 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे। तय समय के भीतर ही आवेदन करना होगा। फोर्थ सेमेस्टर के सामान्य वर्ग के छात्रों को 1470 रुपए देने होंगे। एससी, एसटी और बीसी-1 वर्ग के छात्रों के लिए यह शुल्क 1290 रुपए रखा गया है। सेकंड सेमेस्टर के सामान्य छात्रों के लिए 720 रुपए और आरक्षित वर्ग के लिए 540 रुपए फीस तय की गई है। पुराने छात्रों को भी फायदा परीक्षा नियंत्रक डॉ. पार्थ प्रीतम दास ने साफ किया है कि पुराने सत्र के छात्र भी इस बार मौका पा सकते हैं। सत्र 2022-24, 2023-25 और 2024-26 के ऐसे छात्र जो किसी कारण से परीक्षा नहीं दे सके या किसी विषय में फेल हो गए थे। एक्स-स्टूडेंट के तौर पर फॉर्म भर सकते हैं। यूनिवर्सिटी के इस निर्णय से पुराने स्टूडेंट्स को फायदा होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ही आवेदन करें। किसी भी तरह की गलती से बचें। फॉर्म में त्रुटि होने पर सुधार का मौका सीमित होगा। कुल मिलाकर विश्वविद्यालय ने परीक्षा प्रक्रिया को पटरी पर लाने की कोशिश शुरू कर दी है। अब देखना है कि तय समय पर परीक्षा ली जाएगी या फिर छात्रों को एक बार फिर इंतजार ही करना होगा। मगध विश्वविद्यालय ने पीजे के छात्रों के लिए एग्जाम फॉर्म भरने और फीस जमा करने की डेट जारी कर दी है। फोर्थ सेमेस्टर (सत्र 2024-26) और सेकंड सेमेस्टर (सत्र 2025-27) के छात्र 24 मार्च से 7 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे। तय समय के भीतर ही आवेदन करना होगा। फोर्थ सेमेस्टर के सामान्य वर्ग के छात्रों को 1470 रुपए देने होंगे। एससी, एसटी और बीसी-1 वर्ग के छात्रों के लिए यह शुल्क 1290 रुपए रखा गया है। सेकंड सेमेस्टर के सामान्य छात्रों के लिए 720 रुपए और आरक्षित वर्ग के लिए 540 रुपए फीस तय की गई है। पुराने छात्रों को भी फायदा परीक्षा नियंत्रक डॉ. पार्थ प्रीतम दास ने साफ किया है कि पुराने सत्र के छात्र भी इस बार मौका पा सकते हैं। सत्र 2022-24, 2023-25 और 2024-26 के ऐसे छात्र जो किसी कारण से परीक्षा नहीं दे सके या किसी विषय में फेल हो गए थे। एक्स-स्टूडेंट के तौर पर फॉर्म भर सकते हैं। यूनिवर्सिटी के इस निर्णय से पुराने स्टूडेंट्स को फायदा होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ही आवेदन करें। किसी भी तरह की गलती से बचें। फॉर्म में त्रुटि होने पर सुधार का मौका सीमित होगा। कुल मिलाकर विश्वविद्यालय ने परीक्षा प्रक्रिया को पटरी पर लाने की कोशिश शुरू कर दी है। अब देखना है कि तय समय पर परीक्षा ली जाएगी या फिर छात्रों को एक बार फिर इंतजार ही करना होगा।


