गोपालगंज में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर बिहार के सुप्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। नवरात्रि के पहले दिन, मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के लिए सुबह तड़के से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर परिसर और आसपास का पूरा क्षेत्र ‘जय माता दी’ के जयघोष से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं में मां के दर्शन और पूजा-अर्चना को लेकर गजब का उत्साह देखा गया। शंख और घंटों की ध्वनि के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। भक्तों ने नारियल, चुनरी और माता के श्रृंगार का सामान खरीदने के लिए मंदिर मार्ग पर लगी दुकानों पर भी भारी भीड़ लगाई। दर्शन कराने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर न्यास समिति द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भक्तों को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। स्थानीय प्रशासन की ओर से दंडाधिकारियों और भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है और सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है। मां के दरबार को लेकर भक्तों में गहरी आस्था थावे वाली मां के दरबार को लेकर भक्तों में गहरी आस्था है। मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से अपनी मुराद लेकर आता है, मां उसे खाली हाथ नहीं भेजतीं। नवरात्रि के अवसर पर मां की पूजा-अर्चना और दर्शन के साथ दिन की शुरुआत करने की कामना हर किसी की होती है। भव्य मेले का भी होता है आयोजन थावे का यह मंदिर न केवल गोपालगंज, बल्कि पूरे बिहार और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का एक बड़ा केंद्र है। वैसे तो यहां हर दिन श्रद्धालुओं की भीड़ होती है, लेकिन चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में भक्तों की संख्या काफी बढ़ जाती है। चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां एक भव्य मेले का भी आयोजन होता है, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। गोपालगंज में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर बिहार के सुप्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। नवरात्रि के पहले दिन, मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के लिए सुबह तड़के से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर परिसर और आसपास का पूरा क्षेत्र ‘जय माता दी’ के जयघोष से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं में मां के दर्शन और पूजा-अर्चना को लेकर गजब का उत्साह देखा गया। शंख और घंटों की ध्वनि के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। भक्तों ने नारियल, चुनरी और माता के श्रृंगार का सामान खरीदने के लिए मंदिर मार्ग पर लगी दुकानों पर भी भारी भीड़ लगाई। दर्शन कराने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर न्यास समिति द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भक्तों को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। स्थानीय प्रशासन की ओर से दंडाधिकारियों और भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है और सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है। मां के दरबार को लेकर भक्तों में गहरी आस्था थावे वाली मां के दरबार को लेकर भक्तों में गहरी आस्था है। मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से अपनी मुराद लेकर आता है, मां उसे खाली हाथ नहीं भेजतीं। नवरात्रि के अवसर पर मां की पूजा-अर्चना और दर्शन के साथ दिन की शुरुआत करने की कामना हर किसी की होती है। भव्य मेले का भी होता है आयोजन थावे का यह मंदिर न केवल गोपालगंज, बल्कि पूरे बिहार और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का एक बड़ा केंद्र है। वैसे तो यहां हर दिन श्रद्धालुओं की भीड़ होती है, लेकिन चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में भक्तों की संख्या काफी बढ़ जाती है। चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां एक भव्य मेले का भी आयोजन होता है, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।


