कोख के कातिलों पर स्ट्राइक: भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

कोख के कातिलों पर स्ट्राइक: भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

Crime against women बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के नारों के बीच कोख के सौदागर अब भी सक्रिय हैं। हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमा पर चल रहे एक बड़े ‘पाप’ का भंडाफोड़ करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में बड़ी कार्रवाई की है। रोहतक और पानीपत की संयुक्त पीसीपीएनडीटी ( PCPNDT ) टीम ने बुधवार को सहारनपुर के थाना बड़गांव अंतर्गत बहेड़ा गांव में छापा मारकर भ्रूण लिंग जांच करने वाले गिरोह को बेनकाब कर दिया।

गुप्त सूचना पर बिछाया जाल, सरहद पार हुई कार्रवाई

सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र आर्या ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 17 मार्च को रोहतक कार्यालय में एक इनपुट मिला था। सूचना थी कि हरियाणा-यूपी बॉर्डर के पास एक गिरोह सक्रिय है, जो रोहतक और पानीपत की गर्भवती महिलाओं को बरगलाकर अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच करवा रहा है। इस इनपुट पर तुरंत संज्ञान लेते हुए एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया। इसके बाद टीम सहारनपुर पहुंची और आरोपियों के इस काले खेल का खुलासा करते हुए इन्हे गिरफ्तार किया गया।

टीम में शामिल रहे ये जांबाज अधिकारी ( Crime against women )

इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी को अंजाम देने के लिए रोहतक से जिला नोडल अधिकारी डॉ. विश्वजीत राठी व रणजीत, और पानीपत से डॉ. अभय वत्स, डॉ. ललित कुंडू व डॉ. ज्योति दहिया की टीम ने मोर्चा संभाला। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और सीधे बहेड़ा गांव स्थित ठिकाने पर दबिश दी। इस दौरान टीम एक महिला को अपने साथ लेकर आई और यह दर्शाया गया कि टीम छापा मारने नहीं बल्कि अल्ट्रासाउंड करवाने आई है।

नरेंद्र और शीला गिरफ्तार, 7 के खिलाफ केस दर्ज

मौके से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो मुख्य आरोपियों, नरेंद्र और शीला निवासी बहेड़ा को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई की भनक लगते ही कुछ आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने इस मामले में कंवरपाल, कुसुमपाल, मामंचद समेत सात अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना बड़गांव में एफआईआर दर्ज करवाई है।

गिरोह का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस ( Crime against women )

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से हरियाणा की महिलाओं को यूपी ले जाकर यह अवैध धंधा कर रहा था। अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इसमें कौन-से निजी अस्पताल या अल्ट्रासाउंड सेंटर शामिल हैं। यह भी बात सामने आई है कि कुछ और अस्पतालों के नाम इन लोगों ने बताए हैं। इन्होने उन सभी अस्पतालों के ना गिनाएं हैं जिनके यहां से इन्हे काम मिलता था। पुलिस अब उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी में लगी हुई है।

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