Fraud In Forest Development Corporation : वन विकास निगम में विदेश यात्रा के फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपयों के घपले का मामला उजागर हुआ है। ये मामला उत्तराखंड वन विकास निगम का है। यहां पिछले साल तत्कालीन प्रबंध निदेशक की विदेश यात्रा के नाम पर लाखों रुपये के फर्जी बिलों का मामला सामने आया है। हालांकि अब वह प्रबंध निदेशक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जानकारी के मुताबिक तत्कालीन प्रबंध निदेशक बीते साल दो से आठ अप्रैल तक सात दिन की विदेश यात्रा पर गए थे। रिकॉर्ड में दिखाया गया है कि एक से पांच अप्रैल तक वह वियतनाम की राजधानी हनोई के एक होटल में ठहरे थे। हालांकि, यह बात सामने आई कि एक अप्रैल को वे देहरादून में ही थे। यात्रा के दौरान निजी सामान जैसे शॉल और टोपी पर करीब 45 हजार रुपये भी निगम के खाते से खर्च किए गए, जो नियमों के खिलाफ है।
एक समय में दो होटलों के बिल
वन विकास निगम के पूर्व एमडी ने छह और सात अप्रैल 2025 को हनोई के एक होटल और उसी समय छह से आठ अप्रैल के बीच सिएम रीप शहर के होटल का भी बिल लगाया गया। यानी एक ही समय में दो जगह ठहरने का खर्च दिखाया है। इतना ही नहीं, चार और पांच अप्रैल 2025 को क्रूज में रुकने का अलग से 3.5 लाख रुपये का भुगतान किया गया, जबकि उसी समय होटल का किराया भी चल रहा था। कर्मचारी नेता टीएस बिष्ट ने आरटीआई के तहत इस संबंध में जानकारी मांगी थी, जिसके बाद इस घपले का खुलासा हुआ।
दो नेता और चार अफसर थे साथ
वन विकास निगम में विदेश यात्रा के फर्जी फर्जी बिल लगाकर घपले का मामला सामने आया है। पिछले साल तत्कालीन प्रबंध निदेशक की विदेश यात्रा के लाखों रुपये के फर्जी बिल लगाए गए। इस दौरे में दो जनप्रतिनिधि और चार वन अफसर भी उनके साथ थे। यह प्रबंध निदेशक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इधर वन मंत्री सुबोध उनियाल के मुताबिक पूर्व एमडी की विदेश यात्रा के संबंध में फिलहाल उन्हें कोई जानकारी नहीं है। कहा कि अगर कहीं गलत भुगतान हुआ है तो जरूर जांच कराई जाएगी। एमडी को इसके निर्देश दिए जाएंगे, ताकि सही बात सामने आए। अगर गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई होगी। चाहे अफसर रिटायर हो गए हों।


