Bastar Heritage Marathon 2026: बस्तर की पहचान अब सिर्फ अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह क्षेत्र खेल गतिविधियों के जरिए भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। इसी कड़ी में 22 मार्च (रविवार) को बस्तर में आयोजित होने जा रही “बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026” एक बड़े खेल आयोजन के रूप में उभर रही है, जिसमें देशभर से धावकों के शामिल होने की संभावना है।
Bastar Heritage Marathon 2026: प्रतिभागियों के लिए आकर्षक इनाम
यह मैराथन लालबाग मैदान से शुरू होगी और विभिन्न श्रेणियों में आयोजित की जाएगी। आयोजन की सबसे प्रमुख श्रेणी 42 किलोमीटर ओपन मैराथन है, जिसमें पुरुष और महिला वर्ग के विजेताओं को 1.5 लाख रुपये का प्रथम पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा द्वितीय और तृतीय स्थान पर क्रमशः 75 हजार और 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। खास बात यह है कि शीर्ष 10 प्रतिभागियों को भी नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
हाफ मैराथन (21 किमी) में भी प्रतिभागियों के लिए आकर्षक इनाम रखे गए हैं। इस श्रेणी में पहले स्थान पर 1 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर 50 हजार और तीसरे स्थान पर 25 हजार रुपये मिलेंगे। वहीं स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए बस्तर श्रेणी में भी ओपन वर्ग के समान पुरस्कार राशि तय की गई है, जिससे क्षेत्रीय धावकों को आगे आने का अवसर मिल सके।
इसके अलावा 10 किलोमीटर दौड़ में जूनियर और ओपन वर्ग के विजेताओं को 15 हजार रुपये का प्रथम पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं 5 किलोमीटर फन रन में सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्गों के लिए 10 हजार रुपये तक के पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। इन दोनों श्रेणियों में पांचवें स्थान तक आने वाले प्रतिभागियों को भी नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।
पंजीकरण और आयोजन का उद्देश्य
इस मैराथन में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी आधिकारिक वेबसाइट www.bastarheritage.run
या क्यूआर कोड के माध्यम से अपना पंजीकरण कर सकते हैं। आयोजन के दिन सभी प्रतिभागियों से सुबह लालबाग मैदान में उपस्थित होने की अपील की गई है। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 9244079533 जारी किया गया है।
Bastar Heritage Marathon 2026: खेलों के जरिए बदलती बस्तर की छवि
पिछले कुछ वर्षों में बस्तर क्षेत्र में खेल और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। पहले जहां यह इलाका नक्सल गतिविधियों के कारण चर्चा में रहता था, वहीं अब यहां खेल, पर्यटन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
इस तरह के आयोजन न केवल स्थानीय युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करते हैं, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को भी देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर देते हैं। “बस्तर हेरिटेज मैराथन” इसी सोच का हिस्सा है, जो खेल और संस्कृति के समन्वय के जरिए क्षेत्र को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


