मेरठ में नकली टेलीफोन एक्सचेंज संचालक गिरफ्तार:टेलीफोन एक्सचेंज से जुड़े उपकरण किए गए बरामद, माल सप्लाई से पहले ही दबोचे गए

मेरठ में नकली टेलीफोन एक्सचेंज संचालक गिरफ्तार:टेलीफोन एक्सचेंज से जुड़े उपकरण किए गए बरामद, माल सप्लाई से पहले ही दबोचे गए

मेरठ में पुलिस ने नकली टेलीफोन एक्सचेंज चलाने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह लोग नया टेलीफोन एक्सचेंज लगाने वाले थे, उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। किसके यहां टेलीफोन एक्सचेंज लगाया जाना था, इसका पता नहीं लग पाया है। पुलिस ने उनके पास से टेलीफोन एक्सचेंज में लगाए जाने वाले उपकरण बरामद किए हैं, जिनकी कीमत लाखों में है। पहले एक नजर पूरे मामले पर
मामला लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र का है। पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र में दो संदिग्ध मौजूद हैं। उनके पास कुछ संदिग्ध सामान भी है। संभवत: वह दोनों नकली टेलीफोन एक्सचेंज चलाने का काम करते हैं। पुलिस ने सूचना के आधार पर तलाश शुरु की और जल्द ही दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने नाम उस्मान पुत्र अब्दुल रहमान निवासी शाहजहां कालोनी थाना लिसाड़ीगेट और नदीम पुत्र खलील निवासी जिलानी गार्डन थाना लिसाड़ी गेट बताए। तलाशी में मिले एक्सचेंज के उपकरण
पुलिस ने दोनों की तलाशी ली तो उनके पास से एक बार में 32 सिम डील करने वाली डिनस्टार मशीन के अलावा एक लैपटप, तीन मोबाइल फोन, 15 सिम कार्ड, एक लेन केबल, चार पावर केबल और 10 हजार रुपये बरामद हुए। पुलिस ने माल जब्त कर मुकदमा दर्ज कर लिया। माल की देने आए थे डिलीवरी
एसएचओ अशोक कुमार ने बताया कि उस्मान और नदीम नकली टेलीफोन एक्सचेंज लगाने का काम करते हैं। यह जानकारी दोनों ने पूछताछ के दौरान दी है। उन्होंने बताया कि यह सारा माल वह किसी को डिलीवर करने आए थे। इससे पहले कि वह सामान सौंप पाते, पुलिस ने दबोच लिया। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले यह आर्डर मिला था। मामले की छानबीन में जुटी पुलिस
एसएचओ ने बताया कि यह जो सामान मिला है, उसका उपयोग टेलीफोन एक्सचेंज के संचालन में होता है। इन उपकरणों की संख्या करीब 12 से 15 लाख रुपये है। पहले भी इस तरह के मामले सामने आए हैं, जिनमें चोरी का माल सस्ते दाम में बेचकर आरोपी फरार हो जाते हैं। फिलहाल पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है, जिन्हें टेलीफोन एक्सचेंज लगाना था। इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
प्रभारी चौकी पिल्लोखड़ी चौकी मुन्नेश सिंह की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा – 318 (4)/338/336 (3)/340(2) /3 (5) BNS व66सी/66डी आईटी एक्ट व 3/6 भारतीय तार व बेतार यान्त्रिकी अधिनियम 1933 व 4/20/21/25 इण्डियन टेलीग्राफी एक्ट-1885 व धारा 42(1)/42(2) (ए)/42(3) (बी) (सी) (डी) (ई) (एफ)/42(6) इण्डियन टेलिकम एक्ट 2023 में मुकदमा पंजीकृत किया गया ।

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