Black Marketing LPG: जयपुर. जयपुर शहर में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 29 घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर सहित कई उपकरण जब्त किए हैं। यह कार्रवाई गैस आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
मुख्य सचिव और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देशों के तहत जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के नेतृत्व में सख्त अभियान चलाया जा रहा है। जिला रसद अधिकारी जयपुर प्रथम प्रियव्रत सिंह चारण द्वारा तीन विशेष प्रवर्तन दलों का गठन किया गया, जिन्होंने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण और जांच अभियान चलाया।
कार्रवाई के दौरान कुल 29 गैस सिलेंडर, एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा, एक बांसुरी (रिफिलिंग उपकरण) और दो रेगुलेटर मय रबर पाइप जब्त किए गए। पुलिस थाना प्रताप नगर से मिली सूचना के आधार पर वहां छापेमारी की गई, जहां 15 घरेलू और एक व्यावसायिक सिलेंडर सहित उपकरण बरामद हुए। वहीं भांकरोटा क्षेत्र में की गई कार्रवाई में 14 घरेलू सिलेंडर और एक रेगुलेटर जब्त किया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध गैस रिफिलिंग, भंडारण और कालाबाजारी में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि जयपुर में “ऑपरेशन प्रवर्तन: सतर्क नागरिक, सुरक्षित शहर” अभियान पहले से ही संचालित है, जिसके तहत ऐसे अवैध कार्यों पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गैस रिफिलिंग, भंडारण या कालाबाजारी की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर जनसुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यह कार्रवाई न केवल अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि गैस उपभोक्ताओं की सुरक्षा और पारदर्शी आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करने का भी प्रयास है।
लगातार निगरानी और छापेमारी सराहनीय कदम
जयपुर में अवैध गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी के खिलाफ हुई यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती और जवाबदेही को दर्शाती है। इस तरह की गतिविधियां न केवल उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण करती हैं, बल्कि गंभीर सुरक्षा खतरा भी पैदा करती हैं। जिला प्रशासन द्वारा “ऑपरेशन प्रवर्तन” के तहत लगातार निगरानी और छापेमारी सराहनीय कदम है। हालांकि, इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए आम नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। लोगों को जागरूक होकर ऐसी गतिविधियों की सूचना देनी चाहिए, ताकि सुरक्षित और पारदर्शी गैस आपूर्ति प्रणाली सुनिश्चित की जा सके।


