Africa Cup में मचा बवाल, मैदान छोड़ने पर Senegal से छिना खिताब, Morocco बना नया Champion

Africa Cup में मचा बवाल, मैदान छोड़ने पर Senegal से छिना खिताब, Morocco बना नया Champion

अफ्रीकी फुटबॉल में एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला सामने आया है, जिसने पूरे खेल जगत में हलचल मचा दी है। अफ्रीकी फुटबॉल परिसंघ ने हाल ही में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए सेनेगल से अफ्रीका कप का खिताब वापस ले लिया है और इसे मोरक्को को सौंप दिया है।बता दें कि यह फैसला उस फाइनल मुकाबले को लेकर आया है, जो शुरुआत से ही विवादों में घिरा रहा था। मौजूद जानकारी के अनुसार मैच के अतिरिक्त समय में सेनेगल ने 1-0 से जीत हासिल कर ट्रॉफी अपने नाम की थी, लेकिन अंतिम क्षणों में हुई घटनाओं ने पूरे मुकाबले की दिशा बदल दी।गौरतलब है कि मैच के अंतिम मिनटों में पहले सेनेगल ने पेनल्टी न मिलने पर नाराजगी जताई, जिसके बाद वीडियो तकनीक के जरिए मोरक्को को पेनल्टी दी गई। इस फैसले से नाराज होकर सेनेगल के अधिकांश खिलाड़ी मैदान छोड़कर चले गए और करीब 20 मिनट तक खेल रुका रहा। हालांकि बाद में कप्तान सादियो माने के समझाने पर टीम वापस लौटी और खेल फिर से शुरू हुआ।मौजूद जानकारी के अनुसार मोरक्को के खिलाड़ी ब्राहिम डियाज ने पेनल्टी लेने की कोशिश की, लेकिन गोलकीपर ने उसे बचा लिया और मैच अतिरिक्त समय में पहुंच गया। वहीं अतिरिक्त समय में पापे गुएये ने गोल कर टीम को जीत दिलाई थी।हालांकि मैच के बाद मोरक्को फुटबॉल महासंघ ने इस पूरे घटनाक्रम के खिलाफ अपील की थी, जिस पर अब फैसला आया है। अफ्रीकी फुटबॉल परिसंघ की अपील समिति ने समीक्षा के बाद कहा कि सेनेगल ने नियमों का उल्लंघन किया है, इसलिए उन्हें हारने वाला घोषित किया जाता है।बता दें कि नियमों के अनुसार अगर कोई टीम रेफरी की अनुमति के बिना मैदान छोड़ती है या खेल जारी रखने से इनकार करती है, तो उसे मुकाबले में पराजित माना जाता है। इसी आधार पर अब मैच का परिणाम 3-0 से मोरक्को के पक्ष में दर्ज किया गया है।गौरतलब है कि इस फैसले के बाद सेनेगल अब अफ्रीका कप का चैंपियन नहीं रहा और मोरक्को को विजेता घोषित कर दिया गया है। यह निर्णय फुटबॉल इतिहास के सबसे विवादित और असाधारण फैसलों में से एक माना जा रहा है, जिसने खेल की निष्पक्षता और नियमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। 

अफ्रीकी फुटबॉल में एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला सामने आया है, जिसने पूरे खेल जगत में हलचल मचा दी है। अफ्रीकी फुटबॉल परिसंघ ने हाल ही में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए सेनेगल से अफ्रीका कप का खिताब वापस ले लिया है और इसे मोरक्को को सौंप दिया है।
बता दें कि यह फैसला उस फाइनल मुकाबले को लेकर आया है, जो शुरुआत से ही विवादों में घिरा रहा था। मौजूद जानकारी के अनुसार मैच के अतिरिक्त समय में सेनेगल ने 1-0 से जीत हासिल कर ट्रॉफी अपने नाम की थी, लेकिन अंतिम क्षणों में हुई घटनाओं ने पूरे मुकाबले की दिशा बदल दी।
गौरतलब है कि मैच के अंतिम मिनटों में पहले सेनेगल ने पेनल्टी न मिलने पर नाराजगी जताई, जिसके बाद वीडियो तकनीक के जरिए मोरक्को को पेनल्टी दी गई। इस फैसले से नाराज होकर सेनेगल के अधिकांश खिलाड़ी मैदान छोड़कर चले गए और करीब 20 मिनट तक खेल रुका रहा। हालांकि बाद में कप्तान सादियो माने के समझाने पर टीम वापस लौटी और खेल फिर से शुरू हुआ।
मौजूद जानकारी के अनुसार मोरक्को के खिलाड़ी ब्राहिम डियाज ने पेनल्टी लेने की कोशिश की, लेकिन गोलकीपर ने उसे बचा लिया और मैच अतिरिक्त समय में पहुंच गया। वहीं अतिरिक्त समय में पापे गुएये ने गोल कर टीम को जीत दिलाई थी।
हालांकि मैच के बाद मोरक्को फुटबॉल महासंघ ने इस पूरे घटनाक्रम के खिलाफ अपील की थी, जिस पर अब फैसला आया है। अफ्रीकी फुटबॉल परिसंघ की अपील समिति ने समीक्षा के बाद कहा कि सेनेगल ने नियमों का उल्लंघन किया है, इसलिए उन्हें हारने वाला घोषित किया जाता है।
बता दें कि नियमों के अनुसार अगर कोई टीम रेफरी की अनुमति के बिना मैदान छोड़ती है या खेल जारी रखने से इनकार करती है, तो उसे मुकाबले में पराजित माना जाता है। इसी आधार पर अब मैच का परिणाम 3-0 से मोरक्को के पक्ष में दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि इस फैसले के बाद सेनेगल अब अफ्रीका कप का चैंपियन नहीं रहा और मोरक्को को विजेता घोषित कर दिया गया है। यह निर्णय फुटबॉल इतिहास के सबसे विवादित और असाधारण फैसलों में से एक माना जा रहा है, जिसने खेल की निष्पक्षता और नियमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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