सुपौल सदर थाना के थानाध्यक्ष रामसेवक रावत की कार्यशैली को लेकर पिछले कई दिनों से जारी विवाद फिलहाल थम गया है। नगर परिषद सुपौल के सफाईकर्मियों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थगित कर दी गई है। जिलाधिकारी सावन कुमार के आश्वासन पर कर्मियों ने अगले पांच दिनों के लिए अपना आंदोलन रोकने का निर्णय लिया है, जिससे शहर में सफाई व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद जगी है। दरअसल, नगर परिषद कर्मियों ने थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। आरोपों से आक्रोशित कर्मियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इस दौरान शहर के चौक-चौराहों पर कूड़े-कचरे का अंबार लग गया, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बदबू और गंदगी के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया था। पिछले तीन दिनों से शहर में गहमागहमी का माहौल प्रदर्शन के पहले दिन ही कर्मियों ने देर रात थाना गेट पर कचरा फेंककर विरोध जताया था, जिससे मामला और गरमा गया। पिछले तीन दिनों से शहर में गहमागहमी का माहौल बना हुआ था। नगर परिषद कर्मियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों में भी थानाध्यक्ष के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही थी। नागरिकों ने चेतावनी दी थी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो सुपौल से लेकर पटना तक आंदोलन तेज किया जाएगा। हालांकि, थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया था। बावजूद इसके नगर परिषद कर्मी और जनप्रतिनिधि कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद सुपौल के चेयरमैन राघव झा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। इस दौरान कर्मियों की मांगों और पूरे विवाद पर विस्तार से चर्चा की गई। चेयरमैन ने डीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें सभी आरोपों और समस्याओं का उल्लेख किया गया। वार्ता सकारात्मक माहौल में हुई और समाधान की दिशा में प्रगति हुई बैठक के बाद जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि वार्ता सकारात्मक माहौल में हुई और समाधान की दिशा में प्रगति हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रशासन आवश्यक कदम उठाएगा। डीएम के आश्वासन के बाद नगर परिषद कर्मियों ने फिलहाल पांच दिनों के लिए अपनी हड़ताल स्थगित कर दी है। हड़ताल खत्म होने के साथ ही शहर में सफाई व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटने की उम्मीद है, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। फिलहाल सबकी नजर अब प्रशासनिक जांच पर टिकी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। सुपौल सदर थाना के थानाध्यक्ष रामसेवक रावत की कार्यशैली को लेकर पिछले कई दिनों से जारी विवाद फिलहाल थम गया है। नगर परिषद सुपौल के सफाईकर्मियों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थगित कर दी गई है। जिलाधिकारी सावन कुमार के आश्वासन पर कर्मियों ने अगले पांच दिनों के लिए अपना आंदोलन रोकने का निर्णय लिया है, जिससे शहर में सफाई व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद जगी है। दरअसल, नगर परिषद कर्मियों ने थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। आरोपों से आक्रोशित कर्मियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इस दौरान शहर के चौक-चौराहों पर कूड़े-कचरे का अंबार लग गया, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बदबू और गंदगी के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया था। पिछले तीन दिनों से शहर में गहमागहमी का माहौल प्रदर्शन के पहले दिन ही कर्मियों ने देर रात थाना गेट पर कचरा फेंककर विरोध जताया था, जिससे मामला और गरमा गया। पिछले तीन दिनों से शहर में गहमागहमी का माहौल बना हुआ था। नगर परिषद कर्मियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों में भी थानाध्यक्ष के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही थी। नागरिकों ने चेतावनी दी थी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो सुपौल से लेकर पटना तक आंदोलन तेज किया जाएगा। हालांकि, थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया था। बावजूद इसके नगर परिषद कर्मी और जनप्रतिनिधि कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद सुपौल के चेयरमैन राघव झा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। इस दौरान कर्मियों की मांगों और पूरे विवाद पर विस्तार से चर्चा की गई। चेयरमैन ने डीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें सभी आरोपों और समस्याओं का उल्लेख किया गया। वार्ता सकारात्मक माहौल में हुई और समाधान की दिशा में प्रगति हुई बैठक के बाद जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि वार्ता सकारात्मक माहौल में हुई और समाधान की दिशा में प्रगति हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रशासन आवश्यक कदम उठाएगा। डीएम के आश्वासन के बाद नगर परिषद कर्मियों ने फिलहाल पांच दिनों के लिए अपनी हड़ताल स्थगित कर दी है। हड़ताल खत्म होने के साथ ही शहर में सफाई व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटने की उम्मीद है, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। फिलहाल सबकी नजर अब प्रशासनिक जांच पर टिकी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।


