सहरसा सदर अस्पताल में पिछले कई महीनों से पैथोलॉजी जांच के लिए आवश्यक रसायनों की कमी बनी हुई है। इसके कारण अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में कई महत्वपूर्ण जांचें पूरी तरह बंद हो गई हैं। मरीजों को अब बुनियादी जांचों के लिए भी निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें महंगे शुल्क चुकाने पड़ रहे हैं। अस्पताल में यूरिक एसिड और सीबीसी (कम्प्लीट ब्लड काउंट) जैसी सामान्य और आवश्यक जांचें भी उपलब्ध नहीं हैं। मरीजों का कहना है कि पहले ये जांचें अस्पताल में मुफ्त या कम शुल्क पर होती थीं, लेकिन अब उन्हें निजी पैथोलॉजी में अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। जांच निजी लैब में करानी पड़ी घुटनों में दर्द की शिकायत लेकर आए सुरेश कुमार ने बताया कि डॉक्टर ने उन्हें यूरिक एसिड जांच कराने की सलाह दी थी। अस्पताल में रसायन उपलब्ध न होने के कारण उन्हें यह जांच निजी लैब में करानी पड़ी, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ा। रोजाना सैकड़ों मरीज इस समस्या से प्रभावित हो रहे हैं, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग। पैथोलॉजी जांच के लिए आवश्यक रसायनों की आपूर्ति राज्य मुख्यालय से इस संबंध में सहरसा के सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने बताया कि पैथोलॉजी जांच के लिए आवश्यक रसायनों की आपूर्ति राज्य मुख्यालय से की जाती है। उन्होंने स्वीकार किया कि कई महीनों से रसायनों की आपूर्ति बाधित है और इस समस्या को लेकर विभागीय स्तर पर पत्राचार किया गया है। डॉ. प्रसाद ने आश्वासन दिया कि रसायनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जल्द ही प्रयास किए जा रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि मरीजों को अस्पताल में ही सभी जांच सुविधाएं फिर से मिल सकें, ताकि उन्हें बाहर महंगे शुल्क न चुकाने पड़ें। सहरसा सदर अस्पताल में पिछले कई महीनों से पैथोलॉजी जांच के लिए आवश्यक रसायनों की कमी बनी हुई है। इसके कारण अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में कई महत्वपूर्ण जांचें पूरी तरह बंद हो गई हैं। मरीजों को अब बुनियादी जांचों के लिए भी निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें महंगे शुल्क चुकाने पड़ रहे हैं। अस्पताल में यूरिक एसिड और सीबीसी (कम्प्लीट ब्लड काउंट) जैसी सामान्य और आवश्यक जांचें भी उपलब्ध नहीं हैं। मरीजों का कहना है कि पहले ये जांचें अस्पताल में मुफ्त या कम शुल्क पर होती थीं, लेकिन अब उन्हें निजी पैथोलॉजी में अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। जांच निजी लैब में करानी पड़ी घुटनों में दर्द की शिकायत लेकर आए सुरेश कुमार ने बताया कि डॉक्टर ने उन्हें यूरिक एसिड जांच कराने की सलाह दी थी। अस्पताल में रसायन उपलब्ध न होने के कारण उन्हें यह जांच निजी लैब में करानी पड़ी, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ा। रोजाना सैकड़ों मरीज इस समस्या से प्रभावित हो रहे हैं, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग। पैथोलॉजी जांच के लिए आवश्यक रसायनों की आपूर्ति राज्य मुख्यालय से इस संबंध में सहरसा के सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने बताया कि पैथोलॉजी जांच के लिए आवश्यक रसायनों की आपूर्ति राज्य मुख्यालय से की जाती है। उन्होंने स्वीकार किया कि कई महीनों से रसायनों की आपूर्ति बाधित है और इस समस्या को लेकर विभागीय स्तर पर पत्राचार किया गया है। डॉ. प्रसाद ने आश्वासन दिया कि रसायनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जल्द ही प्रयास किए जा रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि मरीजों को अस्पताल में ही सभी जांच सुविधाएं फिर से मिल सकें, ताकि उन्हें बाहर महंगे शुल्क न चुकाने पड़ें।


