औरंगाबाद में आज पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समिति) चुनाव को लेकर लोकतंत्र का उत्सव पूरे उत्साह और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है। जिले के 12 पैक्सों में अध्यक्ष और सदस्य पद के लिए मतदान कराया जा रहा है। सुबह 7 बजे से ही मतदान प्रक्रिया शुरू होते ही अलग-अलग मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। ग्रामीण इलाकों में भी लोगों में मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और महिलाएं भी बढ़-चढ़कर मतदान में भाग ले रही हैं। शाम 4:30 बजे तक ही मतदान कर सकें लोग मतदाता शाम 4:30 बजे तक ही मतदान कर सकेंगे। बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार यह चुनाव औरंगाबाद जिले के नबीनगर, मदनपुर, रफीगंज, ओबरा एवं गोह प्रखंडों के चयनित पंचायतों में कराया जा रहा है। जिले में कुल 51 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें नबीनगर प्रखंड में 25, मदनपुर में 10, रफीगंज में 9, ओबरा में 3 तथा गोह में 4 मतदान केंद्र शामिल हैं। सभी मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की भीड़ उमड़ रही है, जिससे यह साफ झलक रहा है कि लोग अपने मताधिकार को लेकर काफी जागरूक हैं। सभी मतदान केंद्रों पर किए गए हैं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है। सभी मतदान केंद्रों का गहन विश्लेषण कर संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों की पहचान पहले ही कर ली गई थी। ऐसे केंद्रों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है और यहां बीएमपी, डीएपी और होमगार्ड के सशस्त्र जवानों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।निर्वाचन को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए संबंधित प्रखंडों को कुल 5 जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में जोनल दंडाधिकारी की नियुक्ति की गई है, जो अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर मतदान प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही 15 स्टैटिक-सह-मतपेटिका संग्रह दलों का गठन किया गया है, जो मतदान के बाद मतपेटिकाओं के सुरक्षित संकलन और परिवहन का काम करेंगे। निष्पक्ष-पारदर्शी चुनाव कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ करने का निर्देश दिया गया है।मतदान को निष्पक्ष और निर्बाध बनाए रखने के लिए प्रत्येक स्तर पर दंडाधिकारियों और पुलिस बलों की तैनाती की गई है। सभी जोनल दंडाधिकारियों के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवान मौजूद हैं। इसके अलावा क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) भी सक्रिय है, जो किसी भी आकस्मिक स्थिति या शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार है। यह टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है और हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए है। संवेदनशील इलाके में स्थित बूथों विशेष नजर निर्वाचन प्राधिकार के निर्देशों के अनुसार, उन मतदान केंद्रों की विशेष पहचान की गई है, जहां कमजोर वर्ग के मतदाताओं को मतदान से वंचित करने की आशंका रहती है। ऐसे केंद्र अक्सर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों या संवेदनशील इलाकों में स्थित होते हैं। इन केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, ताकि हर मतदाता बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। जिला प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि, जैसे बूथ कैप्चरिंग, हिंसा या मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिशों पर सख्त नजर रखी जाए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। दो पैक्सों में निर्विरोध निर्वाचित किए गए अध्यक्ष नामांकन प्रक्रिया के दौरान दो पैक्सों में अध्यक्ष पद के लिए केवल एक-एक उम्मीदवार के नामांकन दाखिल करने के कारण उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। नबीनगर प्रखंड के तोल पैक्स से उमाकांत सिंह उर्फ टिंकू और मदनपुर प्रखंड के मदनपुर पैक्स से अनुज कुमार सिंह को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है। दोनों पैक्सों में सदस्यों का भी निर्विरोध चयन हो चुका है। दो पैक्सों में निर्विरोध चुनाव होने के बाद अब शेष 12 पैक्सों में मतदान कराया जा रहा है। कुल मिलाकर औरंगाबाद में पैक्स चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए हर स्तर पर सख्त व्यवस्था की गई है। मतदाताओं का उत्साह और प्रशासन की तैयारी यह संकेत दे रही है कि यह चुनाव पूरी पारदर्शिता और सफलता के साथ संपन्न होगा। औरंगाबाद में आज पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समिति) चुनाव को लेकर लोकतंत्र का उत्सव पूरे उत्साह और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है। जिले के 12 पैक्सों में अध्यक्ष और सदस्य पद के लिए मतदान कराया जा रहा है। सुबह 7 बजे से ही मतदान प्रक्रिया शुरू होते ही अलग-अलग मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। ग्रामीण इलाकों में भी लोगों में मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और महिलाएं भी बढ़-चढ़कर मतदान में भाग ले रही हैं। शाम 4:30 बजे तक ही मतदान कर सकें लोग मतदाता शाम 4:30 बजे तक ही मतदान कर सकेंगे। बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार यह चुनाव औरंगाबाद जिले के नबीनगर, मदनपुर, रफीगंज, ओबरा एवं गोह प्रखंडों के चयनित पंचायतों में कराया जा रहा है। जिले में कुल 51 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें नबीनगर प्रखंड में 25, मदनपुर में 10, रफीगंज में 9, ओबरा में 3 तथा गोह में 4 मतदान केंद्र शामिल हैं। सभी मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की भीड़ उमड़ रही है, जिससे यह साफ झलक रहा है कि लोग अपने मताधिकार को लेकर काफी जागरूक हैं। सभी मतदान केंद्रों पर किए गए हैं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है। सभी मतदान केंद्रों का गहन विश्लेषण कर संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों की पहचान पहले ही कर ली गई थी। ऐसे केंद्रों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है और यहां बीएमपी, डीएपी और होमगार्ड के सशस्त्र जवानों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।निर्वाचन को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए संबंधित प्रखंडों को कुल 5 जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में जोनल दंडाधिकारी की नियुक्ति की गई है, जो अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर मतदान प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही 15 स्टैटिक-सह-मतपेटिका संग्रह दलों का गठन किया गया है, जो मतदान के बाद मतपेटिकाओं के सुरक्षित संकलन और परिवहन का काम करेंगे। निष्पक्ष-पारदर्शी चुनाव कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ करने का निर्देश दिया गया है।मतदान को निष्पक्ष और निर्बाध बनाए रखने के लिए प्रत्येक स्तर पर दंडाधिकारियों और पुलिस बलों की तैनाती की गई है। सभी जोनल दंडाधिकारियों के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवान मौजूद हैं। इसके अलावा क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) भी सक्रिय है, जो किसी भी आकस्मिक स्थिति या शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार है। यह टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है और हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए है। संवेदनशील इलाके में स्थित बूथों विशेष नजर निर्वाचन प्राधिकार के निर्देशों के अनुसार, उन मतदान केंद्रों की विशेष पहचान की गई है, जहां कमजोर वर्ग के मतदाताओं को मतदान से वंचित करने की आशंका रहती है। ऐसे केंद्र अक्सर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों या संवेदनशील इलाकों में स्थित होते हैं। इन केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, ताकि हर मतदाता बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। जिला प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि, जैसे बूथ कैप्चरिंग, हिंसा या मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिशों पर सख्त नजर रखी जाए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। दो पैक्सों में निर्विरोध निर्वाचित किए गए अध्यक्ष नामांकन प्रक्रिया के दौरान दो पैक्सों में अध्यक्ष पद के लिए केवल एक-एक उम्मीदवार के नामांकन दाखिल करने के कारण उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। नबीनगर प्रखंड के तोल पैक्स से उमाकांत सिंह उर्फ टिंकू और मदनपुर प्रखंड के मदनपुर पैक्स से अनुज कुमार सिंह को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है। दोनों पैक्सों में सदस्यों का भी निर्विरोध चयन हो चुका है। दो पैक्सों में निर्विरोध चुनाव होने के बाद अब शेष 12 पैक्सों में मतदान कराया जा रहा है। कुल मिलाकर औरंगाबाद में पैक्स चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए हर स्तर पर सख्त व्यवस्था की गई है। मतदाताओं का उत्साह और प्रशासन की तैयारी यह संकेत दे रही है कि यह चुनाव पूरी पारदर्शिता और सफलता के साथ संपन्न होगा।


