फाजिल्का की एक अदालत ने 2021 में हुई एक महिला की हत्या के मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने मृतका के पति सहित तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही, प्रत्येक दोषी पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।यह फैसला फाजिल्का के अजीत पाल सिंह की अदालत ने सुनाया। 17 नवंबर, 2021 को गांव तुर्कावाली में गला घोंटकर की गई थी महिला की हत्या मृतक महिला की पहचान ऊषा रानी के रूप में हुई है, जिसकी 17 नवंबर 2021 को गांव तुर्कावाली में गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि ऊषा रानी के पति, जो बीएसएफ में तैनात था, के किसी अन्य महिला से अवैध संबंध थे। इसी के चलते पति ने कथित तौर पर पत्नी की हत्या के लिए अपनी प्रेमिका और उसके भाई के साथ मिलकर साजिश रची। इस घटना में ऊषा रानी के दो छोटे बच्चे भी हैं। मृतक महिला का भाई बोला-पांच साल बाद आज अदालत से न्याय मिला नया सलेमशाह गांव के निवासी मृतक महिला के भाई सुखविंदर सिंह ने बताया कि उन्हें पांच साल बाद आज अदालत से न्याय मिला है। उन्होंने 2021 में अपनी बहन की हत्या के बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद यह मामला अदालत में चला। वकील राजिंदर चुचरा ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए बताया कि उन्होंने माननीय न्यायाधीश के समक्ष सभी सबूत पेश किए। पांच साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने तीनों दोषियों को 60-60 हजार जुर्माना भी लगाया इसमें मृतक महिला के पति आरोपी मक्खन सिंह और उसके साथी बिन्दर कौर व निक्का सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई है। तीनों को 60-60 हजार जुर्माना भी लगाया है । जुर्माना अदा न करने की सूरत में एक वर्ष और सजा भुगतनी होगी । राजिंदर चुचरा ने बताया कि अदालत ने बच्चों के पालन पोषण को लेकर सरकारी स्तर पर सुविधा उपलब्ध करवाने का फैसला दिया है।


