गोपालगंज के जादोपुर थाना क्षेत्र में लापता दो युवकों में से एक का शव गंडक नदी से बरामद किया गया है। मृतक की पहचान मोतिहारी जिले के बेलही नारा गांव निवासी 22 वर्षीय विकास कुमार के रूप में हुई है, जो वेल्डर का काम करता था। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। विकास कुमार और राजकुमार हीरापाकड़ गांव से कुछ दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की। खोजबीन के दौरान हीरापाकड़ मेहंदिया गांव स्थित एक पुल के पास खून के धब्बे और पुल के नीचे विकास की खून लगी घड़ी मिली थी। प्रेम-प्रसंग में हत्या की आशंका इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पुलिस को प्रेम-प्रसंग का मामला होने का संदेह हुआ। पुलिस ने इस संबंध में राजकुमार की बहन, पत्नी, मां और पिता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। बाद में मां और पिता को छोड़ दिया गया, जबकि बहन और पत्नी से पूछताछ जारी रही। इसी बीच, पुलिस को खाप मकसूदपुर गांव के समीप मलाही टोला गंडक नदी में एक शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान लापता विकास कुमार के रूप में की। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मॉडल सदर अस्पताल भेज दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस इसे हत्या के दृष्टिकोण से भी देख रही है। अब पुलिस दूसरे लापता युवक राजकुमार की तलाश में जुटी हुई है। इस मामले में राजकुमार सहित अन्य लोगों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। राजकुमार की बहन से हो गया था प्यार बताया जाता है कि लापता राजकुमार सिंह का विकास कुमार रिश्ते में भतीजा लगता था। वो उसके मामा का पोता था। विकास अक्सर हीरा पाकड़ में ही रहता था। इसी बीच राजकुमार की बहन निप्पू कुमारी से उसका प्रेम-प्रसंग चलने लगा। इसकी जानकारी राजकुमार और उसके भाई अरविंद समेत परिवार के अन्य लोगों को हुई। इसके बाद विकास को रास्ता से हटाने के लिए एक योजना बनाई गई। 13 मार्च को फोन कर उसे हीरापाकड़ बुलाया गया। 14 मार्च से लापता था विकास इसके बाद 14 मार्च राजकुमार उसी गांव के निवासी ग्रीन नामक युवक के साथ बाइक पर सवार होकर घर से निकला। रात को राजकुमार अपने भाई अरविंद को फोन कर पेट्रोल लाने के बहाने विकास को अपने साथ लेकर आने की बात कही। जिसके बाद अरविंद और विकास मेहंदिया पुल पहुंचे। विकास को छोड़ कर अरविंद वापस घर लौट आया और सुबह गुजरात के लिए रवाना हो गया। हालांकि की इस बीच विकास का मोबाइल बंद हो गया लेकिन राजकुमार का मोबाइल रात एक बजे तक चालू रहा। परिवार के लोग जब भी फोन करते तब भी वह कुछ देर के बाद आने की बात कहता। लेकिन नहीं राजकुमार घर लौटा और नाही ग्रीन। सुबह परिजन खोजबीन करने लगे जिसके बाद पुल के पास खंभे धब्बे और विकास का घड़ी बरामद हुआ। गोपालगंज के जादोपुर थाना क्षेत्र में लापता दो युवकों में से एक का शव गंडक नदी से बरामद किया गया है। मृतक की पहचान मोतिहारी जिले के बेलही नारा गांव निवासी 22 वर्षीय विकास कुमार के रूप में हुई है, जो वेल्डर का काम करता था। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। विकास कुमार और राजकुमार हीरापाकड़ गांव से कुछ दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की। खोजबीन के दौरान हीरापाकड़ मेहंदिया गांव स्थित एक पुल के पास खून के धब्बे और पुल के नीचे विकास की खून लगी घड़ी मिली थी। प्रेम-प्रसंग में हत्या की आशंका इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पुलिस को प्रेम-प्रसंग का मामला होने का संदेह हुआ। पुलिस ने इस संबंध में राजकुमार की बहन, पत्नी, मां और पिता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। बाद में मां और पिता को छोड़ दिया गया, जबकि बहन और पत्नी से पूछताछ जारी रही। इसी बीच, पुलिस को खाप मकसूदपुर गांव के समीप मलाही टोला गंडक नदी में एक शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान लापता विकास कुमार के रूप में की। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मॉडल सदर अस्पताल भेज दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस इसे हत्या के दृष्टिकोण से भी देख रही है। अब पुलिस दूसरे लापता युवक राजकुमार की तलाश में जुटी हुई है। इस मामले में राजकुमार सहित अन्य लोगों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। राजकुमार की बहन से हो गया था प्यार बताया जाता है कि लापता राजकुमार सिंह का विकास कुमार रिश्ते में भतीजा लगता था। वो उसके मामा का पोता था। विकास अक्सर हीरा पाकड़ में ही रहता था। इसी बीच राजकुमार की बहन निप्पू कुमारी से उसका प्रेम-प्रसंग चलने लगा। इसकी जानकारी राजकुमार और उसके भाई अरविंद समेत परिवार के अन्य लोगों को हुई। इसके बाद विकास को रास्ता से हटाने के लिए एक योजना बनाई गई। 13 मार्च को फोन कर उसे हीरापाकड़ बुलाया गया। 14 मार्च से लापता था विकास इसके बाद 14 मार्च राजकुमार उसी गांव के निवासी ग्रीन नामक युवक के साथ बाइक पर सवार होकर घर से निकला। रात को राजकुमार अपने भाई अरविंद को फोन कर पेट्रोल लाने के बहाने विकास को अपने साथ लेकर आने की बात कही। जिसके बाद अरविंद और विकास मेहंदिया पुल पहुंचे। विकास को छोड़ कर अरविंद वापस घर लौट आया और सुबह गुजरात के लिए रवाना हो गया। हालांकि की इस बीच विकास का मोबाइल बंद हो गया लेकिन राजकुमार का मोबाइल रात एक बजे तक चालू रहा। परिवार के लोग जब भी फोन करते तब भी वह कुछ देर के बाद आने की बात कहता। लेकिन नहीं राजकुमार घर लौटा और नाही ग्रीन। सुबह परिजन खोजबीन करने लगे जिसके बाद पुल के पास खंभे धब्बे और विकास का घड़ी बरामद हुआ।


