Rajsamand News: राजस्थान सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 40 लाख विद्यार्थियों को आगामी सत्र में भी यूनिफॉर्म के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। यह सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी। लेकिन इसके लिए छात्रों का जनाधार कार्ड उनके बैंक खाते से जुड़ा होना अनिवार्य कर दिया गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, कई विद्यार्थियों के बैंक खातों में जनाधार लिंक नहीं है या बैंक डिटेल्स में त्रुटियां हैं, जैसे गलत आईएफएससी कोड। ऐसे मामलों में राशि का ट्रांसफर अटक सकता है। इसी कारण शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर जनाधार को बैंक खातों से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने को कहा है।
लाखों विद्यार्थियों को मिलेगा फायदा
सत्र 2026-27 में कक्षा 1 से 8 तक के 40 लाख से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म के लिए सहायता दी जाएगी। इस योजना के तहत करीब 250 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को 600 रुपए की राशि सीधे खाते में भेजी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए शाला दर्पण पोर्टल पर विद्यार्थियों का जनाधार सत्यापन जरूरी है।
साथ ही जनाधार का बैंक खाते से लिंक होना भी अनिवार्य है। वर्तमान स्थिति में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का जनाधार सत्यापन नहीं हो पाया है, जिसका मुख्य कारण अभिभावकों का जनाधार नहीं बनना या अपडेट नहीं होना है। वहीं, जिन छात्रों का सत्यापन हो चुका है, उनमें भी कई के बैंक खाते निष्क्रिय हैं या बैंक संबंधी जानकारी गलत दर्ज है। इन तकनीकी कारणों से कई पात्र विद्यार्थी अभी तक इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
विभाग द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि पहले भी जनाधार सत्यापन के लिए कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन काम की गति संतोषजनक नहीं रही है। अब अधिकारियों को इस प्रक्रिया में तेजी लाने और सभी पात्र विद्यार्थियों का जनाधार अपडेट करवाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी छात्र इस सुविधा से वंचित न रहे।


