MP News: प्रदेश के नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने का निर्णय सराहनीय है। यह हमारी भावी पीढ़ी में सुसंस्कारों के बीजारोपण और ज्ञान-पुंज को स्पूर्ण विश्व में आलोकित करने का दूरदर्शी कदम है। गीता भवन युवाओं, शोधार्थियों और नागरिकों को भारतीय ज्ञान-परंपरा, दर्शन और संस्कृति से जुडऩे का अवसर प्रदान करेगा। गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन, कर्तव्यबोध व कल्याण का सार्वकालिक मार्गदर्शक ग्रंथ है।
यह बात उज्जैन के शिप्रा विहार में गीता भवन सहित 663 करोड़ के विकास कार्यों के भूमिपूजन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल (Governor Mangubhai Patel) ने कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने की। राज्यपाल पटेल ने कहा, उज्जैन की पावन धरा, जहां बाबा महाकाल की कृपा कण-कण में व्याह्रश्वत है, आज विकास के एक नए अध्याय के सूत्रपात का साक्षी बनने पर गर्व के भावों को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता। यह आयोजन उज्जैन के गौरवशाली भविष्य तथा सांस्कृतिक और सामाजिक अभ्युदय का शंखनाद है।
663 करोड़ के विकास कार्य का किया भूमिपूजन
राज्यपाल ने आशा जताई कि उज्जैन जल व बिजली संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और ‘अतिथि देवो भव’ की भावना के अनुरूप श्रद्धालुओं को उच्च गुणवत्ता की सुविधाएं व सेवाओं से आदर्श आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। कार्यक्रम में राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने 663करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। प्रारंभ में अतिथियों ने ङ्क्षसहस्थ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। स्वागत भाषण विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने दिया। आभार संजय अग्रवाल ने माना। निगम अध्यक्ष कलावती यादव ,जिला पंचायत अध्यक्ष कमला कुंवर, राजेश धाकड़, रवि सोलंकी मौजूद थे। एचपीवी निशुल्क टीकाकरण, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन के हितग्राहियों को लाभ दिया गया।
इनका भूमिपूजन किया गया
- गीता भवन, ₹77.14 करोड़ की लागत से।
- ₹160.39 करोड़ की लागत से धत्रवाड़ा और लालपुर गांवों में 473.32 हेक्टेयर को कवर करने वाली एक नगर विकास योजना।
- विक्रम नगर रेलवे ओवरब्रिज, ₹30.68 करोड़ की लागत से।
- शंकराचार्य चौराहे को दत्त अखाड़ा (भूखीमाता) से जोड़ने वाली 30 मीटर चौड़ी सड़क, और उजड़खेड़ा हनुमान से उज्जैन-बड़नगर मार्ग तक फैली 4-लेन, 24 मीटर चौड़ी CC (कंक्रीट) सड़क—कुल 4.57 किमी लंबाई में—जिसकी लागत ₹64.58 करोड़ है।
- खाक चौक, वीर सावरकर चौराहा और गढ़ कालिका को भर्तृहरि गुफाओं से जोड़ने वाली 24 मीटर चौड़ी सड़क, जिसकी लागत ₹24.97 करोड़ है।
- कार्तिक मेला मैदान से नाइखेड़ी तक फैली 24 मीटर चौड़ी और 2.8 किमी लंबी CC सड़क, जिसकी लागत ₹36.59 करोड़ है।
- शनि मंदिर से सिकंदरी (MR-27) तक फैली 30 मीटर चौड़ी और 2.35 किमी लंबी CC सड़क, जिसकी लागत ₹52.60 करोड़ है।
- MR-22 सड़क—6 किमी लंबी और 30 मीटर चौड़ी—जिसकी लागत ₹105 करोड़ है।
- जूना सोमवरिया को अंकपात से जोड़ने वाली सड़क—1.78 किमी लंबी और 30 मीटर चौड़ी—जिसकी लागत ₹23.99 करोड़ है।
- प्रशांति धाम को शनि मंदिर से जोड़ने वाली सड़क का निर्माण—1.2 किमी लंबी और 12 मीटर चौड़ी—जिसकी लागत ₹9.14 करोड़ है।
- महाराजवाड़ा को रामघाट से जोड़ने वाली सड़क—1.2 किमी लंबी और 24 मीटर चौड़ी—जिसकी लागत ₹24.46 करोड़ है।
- करकराज पार्किंग को भूखीमाता (लालपुल) से जोड़ने वाली सड़क—1 किमी लंबी और 24 मीटर चौड़ी—जिसकी लागत ₹11.94 करोड़ है।
- 0.8 km लंबी, 12 मीटर चौड़ी ऋणमुक्तेश्वर रोड, जिसकी लागत ₹7.79 करोड़ है।
- गढ़ कालिका को पीर मत्स्येंद्रनाथ से जोड़ने वाली 0.4 km लंबी, 12 मीटर चौड़ी सड़क, जिसकी लागत ₹3.04 करोड़ है।
विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा उज्जैन- सीएम
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में नित नए विकास कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश और उज्जैन की नई अधोसरंचना विकास के कार्यों से एक नई पहचान बना रहा है। मप्र सुशासन से उद्योग, शिक्षा, सड$क, आधुनिक हवाई सेवाएं, मेट्रो रेल आदि के विस्तार से विकास की नई उंचाइयों को छू रहा है। चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा हिन्दू नववर्ष के पावन पर्व के पूर्व जिले को नवीन सौगात मिल रही है। डॉ. यादव ने बताया, आगामी शैक्षणिक सत्र में शासकीय विद्यालयों में कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए यशोदा माता योजना में दूध का पैकेट उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों और नगरीय निकायों में गीता भवन का निर्माण करने व आदर्श ग्रामों को वृंदावन ग्रामों के रूप में विकसित करने की बात कही।
13 हजार करोड़ के काम प्रचलित
मुख्यमंत्री ने कहा, ङ्क्षसहस्थ-2028 के कार्यों में 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य चल रहे है। वर्ष 2026-27 में ङ्क्षसहस्थ के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपए के कार्यों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। 364 करोड़ 37 लाख रुपए की लागत से मेला क्षेत्र के प्रमुख मार्गों के पुनर्निमाण के कार्य भी शुरू किए जा रहे हैं। (MP News)


