मेरठ की चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में इंटर हॉस्टल प्रतियोगिताओं में केवल छात्रावास के विद्यार्थियों को शामिल करने के निर्णय के विरोध में दूसरे दिन भी छात्रों का हंगामा जारी रहा। बड़ी संख्या में छात्रों ने कुलसचिव कार्यालय से लेकर कुलपति कार्यालय तक जुलूस निकालकर नारेबाजी की और निर्णय को भेदभावपूर्ण बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
छात्र नेता अक्षय बैंसला और शुभम भड़ाना के नेतृत्व में छात्र सबसे पहले कुलसचिव कार्यालय पहुंचे। वहां अधिकारी के न मिलने पर छात्रों ने धरना दिया और हंगामा किया। इसके बाद छात्र नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में कुलपति कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन जारी रखा। छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन सभी विद्यार्थियों से समान रूप से स्पोर्ट्स फीस और अन्य शुल्क लेता है, ऐसे में प्रतियोगिताओं में केवल हॉस्टल के छात्रों को शामिल करना अन्य विद्यार्थियों के साथ अन्याय है।
बढ़ते विरोध को देखते हुए कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, कुलसचिव डा. अनिल कुमार यादव, प्रॉक्टोरियल बोर्ड सदस्य प्रो. प्रदीप चौधरी और प्रवीन पंवार ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से वार्ता की। वार्ता के बाद प्रशासन ने बुधवार से प्रस्तावित प्रतियोगिताओं को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्णय लिया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि भविष्य में आयोजित होने वाली सभी प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय परिसर के सभी छात्र-छात्राओं को समान रूप से भाग लेने का अवसर दिया जाएगा। साथ ही बुधवार को प्रस्तावित बास्केटबॉल प्रतियोगिता की नई तिथि जल्द घोषित करने की बात कही गई।
प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्रों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया, लेकिन चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार का भेदभाव होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। छात्रों ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक प्रतियोगिता की नहीं, बल्कि समान अधिकार और अवसर की है। प्रदर्शन में छात्र नेता आलोक बैंसला, आकाश और शिवम सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।


