CG Forest News: वन विभाग ने जिले में वन्यजीव अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बाघ और तेंदुए की खाल के साथ सक्रिय एक संगठित शिकार गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मुख्य वन संरक्षक आलोक कुमार तिवारी के निर्देशन एवं वनमण्डलाधिकारी रंगनाधा रामाकृष्णा वाय के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में 6 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
CG Forest News: अन्य आरोपियों को भी किया गिरफ्तार
मिली जानकारी के अनुसार 16 मार्च की मध्य रात्रि को मुखबिर की सूचना पर वनमंडल दंतेवाड़ा, बीजापुर, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, राज्य स्तरीय उडऩदस्ता दल एवं वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा। 17 मार्च को दंतेवाड़ा-बलूद मार्ग पर दो आरोपियों को बाघ की खाल के साथ गिरफ्तार किया गया।
सघन पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी मिली, जिसके आधार पर विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में लक्ष्मण तेलाम, देवीराम ओयाम, रमेश कुडिय़ाम, फरसोन पोयामी, सेमला रमेश, सुखराम पोडियाम सहित अन्य शामिल हैं।
केशापुर में छापेमारी, तेंदुए की खाल बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर वन विभाग की टीम ने ग्राम केशापुर में छापेमारी कर एक और तेंदुए की खाल बरामद की। इस कार्रवाई में मासो ओयाम और अर्जुन भोगामी को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
CG Forest News: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत होगी सख्त कार्रवाई
वन विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जब्त किए गए बाघ और तेंदुआ अनुसूची-1 के अंतर्गत संरक्षित वन्यजीव हैं।
अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा
वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वन विभाग ऐसे अपराधों के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रहा है और भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा— रंगनाधा रामाकृष्णा वाय, वनमंडलाधिकारी


