बरेली में डबल मर्डर का खौफनाक अंत:सास-साले की हत्या करने वाला दामाद ढेर, तीनों सुपुर्दे खाक

बरेली में डबल मर्डर का खौफनाक अंत:सास-साले की हत्या करने वाला दामाद ढेर, तीनों सुपुर्दे खाक

बरेली के इज्जतनगर के रहपुरा चौधरी में सोमवार को हुए डबल मर्डर का चैप्टर अब पूरी तरह बंद हो गया है। अपनी ही सास और साले को चाकू से गोदकर मारने वाला कुख्यात अपराधी अफसर खाँ उर्फ बोरा मंगलवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। आज इलाके में गम और दहशत के बीच तीनों को सुपुर्दे खाक कर दिया गया। अंतिम संस्कार के वक्त भारी पुलिस बल तैनात रहा। पहले सास और साले को मिट्टी दी गई, जिसके कुछ देर बाद हत्यारे दामाद का भी शव दफना दिया गया। ईद के बहाने घर बुलाया और बिछा दीं लाशें
अफसर खाँ का अपनी पत्नी साईमा से काफी समय से झगड़ा चल रहा था। सोमवार को अफसर ने बिचौलिए राशिद के जरिए अपनी पत्नी और ससुराल वालों को सुलह के लिए बुलाया। उसने कहा कि ‘ईद का त्योहार पास है, सॉरी बोलकर मामला सुलझा लेते हैं और पत्नी को घर भेज दो’।
लेकिन बातचीत के दौरान अचानक अफसर का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने छिपाकर रखे चाकू से साले आदिल पर हमला कर दिया। जब उसे बचाने सास आसमा और पत्नी साईमा दौड़ीं, तो उसने उन पर भी ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में सास और साले की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। पुलिस की घेराबंदी और सुबह-सुबह एनकाउंटर
एसएसपी अनुराग आर्य दोहरे हत्याकांड के बाद अफसर फरार हो गया था। बरेली पुलिस ने ‘यक्ष ऐप’ और डिजिटल रिकॉर्ड की मदद से उसे ढूंढना शुरू किया। मंगलवार सुबह करीब 5:40 बजे पुलिस को सूचना मिली कि वह मुडिया अहमदनगर की तरफ देखा गया है। घेराबंदी हुई तो अफसर ने सरेंडर करने के बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
उसकी एक गोली थाना प्रभारी (SHO) विजेंद्र सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जबकि दो सिपाही घायल हो गए। जवाबी कार्यवाही में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें अफसर बुरी तरह जख्मी हो गया। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को उसके पास से .32 बोर की इटालियन पिस्टल और वही खून से सना चाकू बरामद हुआ है जिससे उसने कत्ल किया था। मामा की भी कर चुका था हत्या
अफसर खाँ कोई मामूली अपराधी नहीं था। वह बेहद हिंसक और क्रूर स्वभाव का था। साल 2006 में उसने अपने सगे मामा का भी गला रेतकर कत्ल कर दिया था। उस मामले में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी और वह 10 साल जेल में रहकर फिलहाल जमानत पर बाहर आया था। बाहर आकर उसने फिर से वही खूनी खेल खेला और अपनी ही ससुराल उजाड़ दी। अस्पताल में पत्नी की हालत नाजुक, पुलिस फोर्स तैनात
हमले में घायल पत्नी साईमा का इलाज चल रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव रहपुरा चौधरी में पुलिस तैनात कर दी गई है। एसएसपी ने बताया कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। मुठभेड़ को अंजाम देने वाली पुलिस टीम
​इस कार्यवाही का नेतृत्व इंस्पेक्टर बिजेन्द्र सिंह प्रभारी निरीक्षक, इज्जतनगर ने किया। टीम में उनके साथ सब-इंस्पेक्टर मुनेन्द्र सिंह, अमित कुमार और विकास कुमार शामिल थे। सिपाहियों में हेड कांस्टेबल धनीश सक्सेना, रूपेन्द्र (घायल), रामनरेश, हेड कांस्टेबल चालक इंद्रजीत और विपुल कुमार के साथ-साथ कांस्टेबल अनुराग तिवारी (घायल) और सौरव कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई। मुठभेड़ के दौरान हेड कांस्टेबल रूपेन्द्र और कांस्टेबल अनुराग तिवारी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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