प्रारब्ध के कर्मों को काट देता है संतों का सानिध्य

लुधियाना| थरीके रोड स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन पर विशेष रूप से आयोजित नवग्रह शांति महापूजा में भारी संख्या में भक्तों ने हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं की ओर से अपने कष्टों के निवारण हेतु प्रार्थना की गई। महापूजा के पश्चात आध्यात्मिक वातावरण तब और भी भक्तिमय हो गया जब निष्काम स्वामी, नित्यस्वरूप स्वामी, माधव स्वामी, विश्वस्वरूप स्वामी, वासुदेव स्वामी, ज्ञानेश्वर स्वामी एवं अक्षर स्वामी ने हरिनाम संकीर्तन किया। सत्संग के मुख्य चरण में गुरुहरि आनंद स्वामी महाराज ने अपने प्रवचनों के माध्यम से भक्तों को जीवन का सार समझाया। उन्होंने कहा कि किसी भी जीव के लिए सत्संग, संतों का समागम और भगवान का आश्रय प्राप्त होना बहुत दुर्लभ है। स्वामी ने आगे कहा कि जो मनुष्य पूर्ण श्रद्धा से भगवान की शरण में चला जाता है उसके पुराने प्रारब्ध कर्म स्वतः ही नष्ट हो जाते हैं। भगवान स्वामीनारायण ने अपने आश्रितों को वरदान दिया है कि उनका भक्त कभी अन्न, और धन के अभाव में दुखी नहीं होगा।

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