भास्कर न्यूज|दरभंगा देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद मानी जाने वाली जनगणना 2027 की तैयारियां अब जमीनी स्तर पर तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में दरभंगा में मंगलवार से तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी कौशल कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वतंत्र भारत की यह 8वीं जनगणना है, जो हर 10 वर्षों पर आयोजित होती रही है, लेकिन कोविड-19 के कारण इस बार 15 वर्षों के अंतराल पर कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 2 मई से 31 मई 2026 तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का होगा, जबकि दूसरा चरण 2 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या की वास्तविक गणना के लिए निर्धारित किया गया है। जिले में जनगणना के लिए कुल 29 चार्ज बनाए गए हैं, जिनमें 18 ग्रामीण और 11 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 से 19 मार्च तक दो स्थानों- अंबेडकर सभागार और जिला परिषद सभागार में दो बैच में आयोजित किया जा रहा है। इसमें चार्ज अधिकारी, अपर चार्ज अधिकारी और संबंधित कर्मी भाग ले रहे हैं। डिजिटल जनगणना, पहली बार सेल्फ एन्यूमरेशन इस बार की जनगणना कई मायनों में खास होगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी, जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन और सीएमएमसी पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। पहली बार आम नागरिकों को सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा भी दी गई है। इसके तहत 17 अप्रैल से 1 मई 2026 के बीच लोग खुद अपने मोबाइल से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। भास्कर न्यूज|दरभंगा देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद मानी जाने वाली जनगणना 2027 की तैयारियां अब जमीनी स्तर पर तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में दरभंगा में मंगलवार से तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी कौशल कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वतंत्र भारत की यह 8वीं जनगणना है, जो हर 10 वर्षों पर आयोजित होती रही है, लेकिन कोविड-19 के कारण इस बार 15 वर्षों के अंतराल पर कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 2 मई से 31 मई 2026 तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का होगा, जबकि दूसरा चरण 2 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या की वास्तविक गणना के लिए निर्धारित किया गया है। जिले में जनगणना के लिए कुल 29 चार्ज बनाए गए हैं, जिनमें 18 ग्रामीण और 11 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 से 19 मार्च तक दो स्थानों- अंबेडकर सभागार और जिला परिषद सभागार में दो बैच में आयोजित किया जा रहा है। इसमें चार्ज अधिकारी, अपर चार्ज अधिकारी और संबंधित कर्मी भाग ले रहे हैं। डिजिटल जनगणना, पहली बार सेल्फ एन्यूमरेशन इस बार की जनगणना कई मायनों में खास होगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी, जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन और सीएमएमसी पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। पहली बार आम नागरिकों को सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा भी दी गई है। इसके तहत 17 अप्रैल से 1 मई 2026 के बीच लोग खुद अपने मोबाइल से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।


