गोरखपुर के चिलुआताल इलाके के बरगदवा में प्रॉपर्टी डीलर भाजपा नेता राजकुमार चौहान की हत्या का मंगलवार की देर रात डीएम दीपक मीणा व एसएसपी डॉ कौस्तुभ ने खुलासा करते हुए दावा किया है कि दो डंपर चालकों ने हत्या की है। आरोपियों ने घटना को कबूल करते हुए बताया है कि मृतक के भतीजे ने मारपीट की थी, इसका बदला लेने के लिए प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि चाचा के बल पर भतीजा कूदता था। चाचा हमेशा उसका समर्थन करता था, इस वजह से गुस्सा चाचा पर निकाला और मौत के घाट उतार दिया। हालांकि, घटना में इस्तेमाल असलहा पुलिस अभी बरामद नहीं कर पाई है। घटनास्थल से थोड़ी दूर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से दोनों आरोपियों की पहचान की गई है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बरगदवा निवासी राज चौहान उर्फ निरहूआ व विपिन यादव के रूप में हुई। चार महीने से चल रही थी रंजिश
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि राजकुमार चौहान के भतीजे नितेश से आरोपी राज चौहान उर्फ निरहुआ की पिछले चार महीने से रंजिश चल रही थी। इसी बीच दो महीने पहले मृतक के भतीजे ने राज चौहान को पीट दिया था। भतीजे का बचाव राजकुमार ने किया था। इसी खुन्नस में मंगलवार की सुबह बरगदवा स्थित घटनास्थल के पास दोनों आरोपी पेड़ के पीछे छिप गए थे। राजकुमार को अकेला आता देख एक आरोपी ने फायर कर दिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर चाकुओं से राजकुमार को गोद दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पुलिस व परिजनों ने घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर आठ नामजद आरोपियों पर केस दर्ज कर सात को हिरासत में ले लिया। जांच के क्रम में 08 सीसी टीवी कैमरों को देखा गया, जिसमें दो संदिग्ध नजर आए। इसके बाद सर्विलांस व दूसरे स्रोतों की पुष्टि के बाद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन लोगों ने घटना कारित करना स्वीकार कर लिया। आठ नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच होगी
घटना के बाद राजकुमार की पत्नी सुशीला देवी की तहरीर पर नामजद आरोपियों में वार्ड नंबर 14 डॉ. राजेंद्र प्रसाद नगर के पार्षद धर्मदेव चौहान, दीपक गौड़, लालजी यादव उर्फ गट्टू, धर्मपाल चौहान, अमर सिंह चौधरी, मोनू पांडेय, सत्येंद्र चौधरी उर्फ टिल्लू, अभय पांडेय व तीन अन्य शामिल हैं। पुलिस नामजद आरोपियों के भूमिका की भी जांच कर रही है। हालांकि, सीडीआर व सीसी टीवी कैमरों की जांच में नामजद आरोपियों की भूमिका सामने नहीं आए है। पुलिस की विवेचना जारी है।
इन वजहों से उठ रहा सवाल देर रात हुआ अंतिम संस्कार
राजकुमार चौहान का शव पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब 5 बजे घर पर पहुंचा। इसके बाद परिजन अपनी मांग को लेकर अड़ गए। राज्यसभा सदस्य डॉ. राधा मोहन अग्रवाल और कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के समझाने पर परिवार के लोग माने। देर रात मोहरीपुर के पास घाट पर दाह संस्कार किया गया। इस दौरान 1500 से अधिक लोग वहां मौजूद रहे। अब पढिए पूरा मामला
गोरखपुर में मॉर्निंग वॉक पर निकले भाजपा नेता की हत्या कर दी गई। 4 बदमाशों ने घर से 500 मीटर दूर उन्हें घेर लिया। सिर, सीने और चेहरे पर 20 से 25 बार चाकू मारे। घायल होने के बाद भी भाजपा नेता करीब 100 मीटर तक भागे, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर फिर हमला कर दिया। हमलावर कुछ देर तक वहीं रुके रहे और उनके मरने का इंतजार करते रहे। तसल्ली होने के बाद वहां से भाग गए। घटना चिलुआताल थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह साढ़े 5 बजे हुई। यहां से गोरखनाथ मंदिर की दूरी करीब 5 किमी है। भाजपा नेता राजकुमार चौहान (42) की मौत की सूचना पर पहुंचीं उनकी पत्नी सुशीला रोते-रोते बेहोश हो गईं। राजकुमार की बहन मोहनी ने कहा- जान के बदले जान चाहिए। परिवार कौन चलाएगा? भतीजी को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। उधर, वारदात के बाद 500 से ज्यादा लोग जुट गए और गोरखपुर-सोनौली रोड जाम कर हंगामा किया। सूचना पर 10 थानों की फोर्स पहुंची और लोगों को लाठी फटकार कर हटाया। पुलिस ने बताया कि 7 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पत्नी की शिकायत पर 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि ओबीसी समुदाय से आने वाले राजकुमार 2027 में बस्ती से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। वह भाजपा से टिकट मांग कर रहे थे। उन्हें राज्यसभा सांसद राधामोहन अग्रवाल का करीबी माना जाता था। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।


